नई दिल्ली. सीपीआई, सीपीआई (एम) और एनसीपी पार्टियों की राष्ट्रीय पार्टी के तौर पर मिली मान्यता को रद्द करने की मांग को लेकर चुनाव आयोग में याचिका दाखिल की गई है. पेशे से अधिवक्ता हरी शंकर जैन और विष्णु जैन ने ये याचिका दाखिल की है.
 
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याचिका में कहा गया है कि चुनाव आयोग के नियम के मुताबिक राष्ट्रीय पार्टी के दर्जे के लिए किसी भी दल को चार राज्यों में कम से कम 6 फीसदी वोट या तीन चौथाई लोकसभा सीटों पर कम से कम 2 फीसदी वोट मिलने चाहिए या चार राज्यों में राज्य की पार्टी के तौर पर उसकी मान्यता होनी चाहिए. लेकिन सीपीआई,  सीपीआई(एम) और एनसीपी पार्टी इन शर्तो को पूरा नहीं करती.
 
सिंबल्स ऑर्डर 1968 के तहत अगर कोई दल राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा खो देता है तो उसके बाद उस दल के पास पूरे देश में एक ही चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं रहता.
 
मसलन अगर सीपीआई, सीपीआईएम् और एनसीपी पार्टियों  का राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा समाप्त हो जाता है तो उसके उम्मीदवार देश भर में एक ही चुनाव चिन्ह पर चुनाव नहीं लड़ पाएंगे. पार्टी अपने चुनाव चिन्ह का इस्तेमाल उन राज्यों में ही कर पाएगी जहां उसकी मान्यता राज्य की पार्टी के तौर पर होगी.