नई दिल्ली: दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने मंगलवार को रक्षा बंधन से पहले महिलाओं को संबोधित किया. उन्होंने महिलाओं को सेल्फ डिफेंस सीखने की सलाह दी. इसके लिए उन्होंने महिलाओं को चाकू, डंडे और कराटे सीखने-सिखाने के लिए कहा.  मंगलवार शाम रोहतास नगर विधानसभा में एक कार्यक्रम के दौरान कपिल मिश्रा ने  ये बाते कहीं. 
 
कपिल मिश्रा ने मंच से कहा कि अगर हम 5 बलात्कारियों को सड़क पर फांसी दे दें तो आगे से किसी और कि हिम्मत नहीं होगी रेप करने की. दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल और इलाके की विधायक सरिता सिंह की मौजूदगी में कपिल मिश्रा ने कहा कि दुनिया में जितने लड़ाई-झगड़े या युद्ध हो रहे हैं वो आदमी लोग कर रहे हैं, दंगे हो रहे हैं तो आदमी कर रहे हैं. 
 
उन्होंने कहा कि वे मानते हैं कि 100 में से 99 आतंकवादी हमले आदमी कर रहे हैं. निर्भया केस का जिक्र करते हुए मिश्रा ने कहा, ‘अगर हम 5 बलात्कारियों को सड़क पर फांसी पे लटका दें, उसके बाद देखते हैं किसकी हिम्मत होती है बलात्कार करने की. कपिल ने कहा कि इस देश को भारत माता कहा गया, भारत पिता नहीं. नदियों को भी माता माना जाता है, क्योंकि जो ताकत, ऊर्जा, सहनशक्ति, दुख को हरने की ताकत माता और बहनों में है, वो आदमी में कभी नहीं हो सकती है, जहां औरत के हाथ में कमान आ जाती है वहां समझ आ जाता है कि काम करने का तरीका क्या होता है.
 
‘आप’ सरकार के मंत्री ने आगे कहा कि, ‘हम ऐसे हिंदुस्तान का सपना देखेंगे, जहां बहन अपने भाई या पुरुष की तरफ ऐसे न देखे कि ये मेरी रक्षा करेगा. मेरी 5 साल की बिटिया स्कूल जाती है. दोपहर को घर आती है, मैं अपने ऑफिस से 2 बार फोन करके पूछता हूं कि बिटिया आ गई. जब तक बिटिया नहीं आ जाती दिल की धड़कन तेज रहती है, डर लगता है कि कोई अनहोनी तो नहीं हो जाएगी. कपिल मिश्रा ने आगे कहा, ‘जितने भी भाई यहां खड़े हैं उनसे कहूंगा कि राखी पर अपनी बहनों को पैसे मत देना, गिफ्ट मत देना लेकिन एक गिफ्ट जरूर देना कि अपनी बहनों को जूडो कराटे की, चाकू चलाने की, डंडे चलाने की ट्रेनिंग करवा देना. 
 
कपिल मिश्रा ने कहा कि एक स्कूल के बाहर से 2000 हजार बच्चियां निकलती हैं और 4 गुंडे खड़े होते हैं छेड़खानी के लिए लेकिन 2000 लड़कियां डर के निकल जाती हैं. अगर 2000 लड़कियां एक-एक थप्पड़ भी लगा दें तो किसी मां के लाल की हिम्मत नहीं कि स्कूल के सामने गुंडे खड़े हो जाएं. उन्होंने कहा कि लड़कियों को अपनी रक्षा के लिए खुद आगे आना होगा.