नई दिल्ली. प्रधानमंत्री के भाषण में जजों की नियुक्ति का जिक्र ना होने के चलते चीफ जस्टिस टी.एस ठाकुर द्वारा आपत्ति जताए जाने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने भी हाई कोर्ट के जजों की नियुक्ति का मुद्दा उठाया है. उन्होंने बीजेपी शासित केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि जजों की नियुक्ति में देरी कारण यह कि सरकार आरएसएस से जुड़े वकीलों को जज नियुक्त करना चाहती है. 
 
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केजरीवाल के अनुसार देशभर में करीब 40 से 50 प्रतिशत हाई कोर्ट के जजों की सीटें इस समय खाली पड़ी हैं. इस सम्बन्ध में कई बाद मुख्य न्यायाधीश मांग कर चुके हैं कि जजों की नियुक्ति जल्द से जल्द होनी चाहिए ताकि लंबित पड़े मामलों को निपटाया जा सके. 
 
केजरीवाल ने आगे बताया कि देशभर में करोड़ों केस फिलहाल पेंडिंग पड़े हैं. इतना ही नहीं सुप्रीम कोर्ट की ओर से केंद्र सरकार को फरवरी और मार्च के महीनो में 70 से 75 लोगों के नाम जजों की नियुक्ति के लिए भेजे थे. बावजूद इसके 6 से ज्यादा महीने बीत जाने के बाद भी इस पर केंद्र सरकार ने कोई कार्यवाही नहीं की. 
 
 
केजरीवाल ने सवाल उठाया कि आखिर क्यों सरकार इस मामले में ढीला रवैया अपना रही है? उन्होंने यह भी कहा कि  ऐसी भी अफवाहें है कि केंद्र सरकार आरआरएस से जुड़े वकीलों को इन पदों पर बिठाना चाहती है. इस से पहले  प्रधानमंत्री के भाषण को लेकर चीफ जस्टिस टी.एस ठाकुर ने यह कहते हुए निराशा जताई थी कि उनके भाषण में न्यायपालिका का जिक्र नहीं किया गया.