अहमदाबाद. आज लाल किले की प्राचीर से डेढ़ घण्टे तक देशवासियों को संबोधित करने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अहमदाबाद के लिए निकल गए. यहां वह स्वामीनारायण पंथ के आध्यात्मिक मुखिया और बोचासणवासी अक्षर पुरुषोत्तम संस्थान के प्रमुख स्वामी महाराज के अंतिम दर्शन करने पहुंचे थे.
 
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यहां वह स्वामी महाराज को याद करते हुए ना सिर्फ भावुक हो गए बल्कि रो भी पड़े. यह देखते हुए सभी को हैरानी हो रही थी कि कुछ देर पहले तक जनता को जोश से भरपूर ढंग से संबोधित कर और पाकिस्तान को चेतावनी देकर आये प्रधानमंत्री के गले से एक शब्द तक नहीं निकल रहा था.  स्वामी महाराज के बारे में बोलते हुए पीएम मोदी का गला रुंध गया और वह कुछ देर के लिए ठहरे भी. 
 
बता दें कि स्वामी महाराज का शनिवार को देहांत हो गया था. वह 95 साल के थे. सारंगपुर में 17 अगस्त को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. इस मौके पर अहमदाबाद में करीब 25 लाख लोग जुट सकते हैं. 
 
इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वामी महाराज एक मेंटर की तरह थे और उनसे हुई मुलाक़ात वह कभी नहीं भूलेंगे. उन्होंने आगे कहा कि वह करुणा की मूर्ती थे, जिन्हें प्यार से लोग बाप्पा कहते थे. पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम भी उनके अनुयायी थे.