श्रीनगर. पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में पाकिस्‍तान के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन के बीच केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा है कि अगले साल तक PoK में तिरंगा फहराएंगे. PoK का भारत का अंग है और वहां लोग भारतीय नागरिक. वहां लोगों के खिलाफ हो रहे जुल्मों का हम विरोध करेंगे और पूरी दुनिया को पाकिस्तान की असलियत बताएंगे. पाकिस्तान अपनी धरती का इस्तेमाल आतंकवाद और मासूम जनता को परेशान करने के लिए करता है.
 
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‘PoK भी भारत का हिस्सा’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कश्मीर मामले पर आयोजित सर्वदलीय बैठक में पाकिस्तान को करारा संदेश देते हुए कहा कि PoK भी भारत के जम्मू-कश्मीर का हिस्सा है. PoK से निर्वासित लोगों से संपर्क शुरू कर पाकिस्तान को बेनकाब करने की जरूरत है. उन्‍होंने कहा कि जम्‍मू-कश्‍मीर के चार हिस्‍से हैं. कश्‍मीर, लद्दाख, जम्‍मू और पाकिस्‍तान अधिकृत कश्‍मीर.
 
 
क्या है मामला?
बता दें कि पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्तिस्तान में पाक विरोधी नारे लग रहे हैं. PoK में बीते कुछ महीने से जिस तरह लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं, उससे पाकिस्तान की कलई खुल रही है. प्रदर्शनकारी बाबा जन की रिहाई की मांग की है. बाबा जन को पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने 40 साल की सजा सुनाई है. साथ ही एंटी-टेररिस्ट लॉ के तहत पांच लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है और 500 अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है.
 
 
‘भारत UN में उठाए बलूचिस्तान का मसला’
बलूचिस्तान में पाकिस्तान से परेशान मानवाधिकार कार्यकर्ता मर्री ने ट्वीट किया है कि भारत को इस समस्या से निपटने में हमारी मदद करनी चाहिए. मर्री ने लिखा है कि अगर पाकिस्तानी अधिकारी कश्मीर में रहने वाले नेताओं से मिल सकते हैं तो फिर भारत के अधिकारी क्यों नही मिल सकते? बलोच नेता ने कहा है भारत को मानवाधिकार हनन का यह मामला संयुक्त राष्ट्र में उठाना चाहिए. 
 
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चीन से परेशान बलूचिस्तानी
प्रर्दशनकारियों के विरोध की एक वजह पाकिस्तान के इस शहर पर चीन का बढ़ता प्रभाव भी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि चीन और पाकिस्तान इस क्षेत्र में मौजूद संसाधनों का सिर्फ अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं.