नई दिल्ली.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव के दौरन कही गई बात ‘अच्छे दिन’ पर तस्वीर साफ करते हुए कहा है कि अच्छे दिन लाने से उनका मतलब बुरे दिनों को दूर करने से था. मोदी ने एक अंग्रेजी अखबार द ट्रिब्यून को इंटरव्यू देते हुए कहा कि जब हम किसी बीमार से मिलने जाते हैं तो कहते हैं कि चिंता मत करो, अच्छे हो जाओगे. यहां ‘अच्छा’ शब्द उस ‘बुरे’ दौर के लिए होता है जिससे मरीज गुजर रहा होता है. मोदी ने कहा कि जब कोई ट्रेन लेट होती  है तो उनके विरोधी पूछते हैं कि यही है अच्छे दिन? मोदी ने कहा कि अच्छा होता अगर उनके विरोधी कांग्रेस से पूछते कि अभी तक गरीबी दूर क्यों नहीं हुई है.

On OROP- the Govt is committed to OROP & there’s no doubt about it. http://t.co/k2AdqpooFC

— Narendra Modi (@narendramodi) May 30, 2015

कांग्रेस द्वारा की गई आलोचना ‘सूट-बूट की सरकार’ के जवाब में मोदी ने कहा कि विपक्ष के पास जब कोई मुद्दा नहीं रहा तो उन्होंने कपड़ों को ही मुद्दा बना दिया. मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ‘वन रैंक वन पेंशन’ योजना लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है.