नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बनारस में घेरने के बाद अब कांग्रेस ने मोदी सरकार के उत्तर प्रदेश से मंत्री बने नेताओं को उनके ही क्षेत्र में घेरने का प्लान बनाया है. कांग्रेस की रणनीति है कि मंत्रियों के इलाकों में पोल खोल यात्रा निकाली जाए और यह बताया जाए कि किस तरह से मंत्रियों ने अपने संसदीय क्षेत्र में कोई काम नहीं किया है. 
 
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कांग्रेस यह यात्रा 22 अगस्त के बाद शुरू करेगी और अगले 1 महीने में तमाम केंद्रीय मंत्रियों के संसदीय क्षेत्रों में जाकर लोगों को बताएगी कि मोदी सरकार ने कितने वादे किए थे और उन पर अमल तक नहीं किया. कांग्रेस यह भी बताएगी किस-किस तरह मोदी सरकार ने गंगा को साफ करने का वादा किया था और निर्मल गंगा के नाम पर खुद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि मुझे गंगा ने बनारस में बुलाया है लेकिन ना तो गंगा साफ हुई और ना ही बनारस का भला हुआ.
 
कांग्रेस ने सोनिया गांधी की यात्रा के बाद बनारस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके संसदीय क्षेत्र काम नहीं होने पर हमले की रणनीति बनाई थी लेकिन सोनिया गांधी के बीमार होने के चलते यह हो न सका. अब कांग्रेस की रणनीति के साथ सोनिया गांधी नहीं जा पाएंगी. लेकिन लेकिन शीला दीक्षित राज बब्बर संजय सिंह गुलाम नबी आजाद और तमाम नेता अलग-अलग इलाकों में जाएंगे और नेताओं की पोल खोलेंगे. कांग्रेस सांसद आदर्श ग्राम योजना का भी खुलासा करने का फैसला किया है जिसके तहत बीजेपी के सांसदों ने जिन गांवों को गोद लिया था और वहां पर काम नहीं हुआ उसकी जानकारी भी RTI से ली गई है और इसे जनता के सामने रखा जाएगा.
 
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दरअसल कांग्रेस को लगता है उत्तरप्रदेश चुनाव में उसकी पहली प्राथमिकता bjp को रोकना है इसलिए कांग्रेस अपनी पूरी रणनीति bjp और उनके नेताओं के आसपास ही बना रही है. कांग्रेस के रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने अपनी टीम के जरिए मोदी सरकार के मंत्रियों के संसद क्षेत्र की पूरी जानकारी इकट्ठी की. इसमें उन्होंने सांसद निधि से खर्च हुए पैसे और इनसे हुए काम आदर्श ग्राम योजना की जानकारी स्वच्छता अभियान पर अमल और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से लोगों को लाभ इन सब की जानकारी जमा की है आने वाले दिनों में कांग्रेस अपनी यात्राओं में यही बताएगी लोगों को 2 साल में हाल बेहाल कांग्रेस का पूरा फोकस उत्तर प्रदेश चुनाव में भी मोदी सरकार की कमियां गिनाने पर है.