इंफाल. मणिपुर की आयरन लेडी कहे जाने वाली मानवाधिकार कार्यकर्ता इरोम शर्मिला ने कहा है कि वो मणिपुर की मुख्यमंत्री बनना चाहती हैं. मणिपुर में पिछले 16 साल से सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम (अफ्सपा) के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठी शर्मिला ने यह बात इंडिया न्यूज़ से कही है.
 
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उन्होंने कहा, ‘मैं मणिपुर की सीएम बनना चाहती हूं और लोगों की सेवा करना चाहती हूं.’ पिछले महीने ही शर्मिला ने 9 अगस्त को भूख हड़ताल ख़त्म करने और आगामी मणिपुर विधानसभा के चुनाव में हिस्सा लेने की घोषणा की थी और आज इरोम शर्मिला अपना अनशन तोड़ने वाली हैं.
 
बता दें कि सन 2000 में इंफाल के पास मालोम गाँव में सैनिकों की गोलीबारी में 10 नागरिक मारे गए. मरने वालों में से कोई भी इरोम का दोस्त या रिश्तेदार नहीं था. फिर भी इरोम ने मन ही मन फैसला कर लिया था कि इस कानून के खिलाफ वो अपनी आवाज बुलंद करेंगी. नवंबर, 2000 में सुरक्षा बलों के हाथों 10 नागरिकों की मौत के बाद आफ्स्पा हटाने की मांग करते हुए भूख हड़ताल शुरू कर दी. भूख हड़ताल पर बैठने के तीन दिन बाद ही उन्हें मणिपुर सरकार ने खुदकुशी की कोशिश करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था.
 
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42 साल की इरोम शर्मिला पिछले 16 सालों से लिक्विड डायट पर है. वो ब्रश भी करती हैं तो रूई के फाहे से ताकि पानी की कोई बूंद उनके गले से नीचे ना चली जाए. अपनी इसी जीवटता के कारण लोग अब उन्हें ‘आयरण लेडी’ के नाम से पुकारते हैं.