नई दिल्ली. GST संशोधन बिल सोमवार को लोकसभा मे पेश किया जाएगा. माना जा रहा है कि विधेयक पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में मौजूद रहेंगे और बहस में हिस्सा ले सकते हैं. इससे पहले तीन अगस्त को संशोधनों के साथ राज्यसभा में GST विधेयक को पास कर दिया गया था. इसके बाद लोकसभा में सोमवार को पेश किया जा रहा है.
 
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लोकसभा के बाद राष्ट्रपति के पास जाएगा विधेयक
लोकसभा में पेश होने के बाद GST विधेयक को राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा. राष्ट्रपति की सहमति के बाद इस विधेयक को राज्यों के पास भेजा जाएगा और राज्यों को 30 दिनों के अंदर इसकी अभिपुष्टि करने के लिए कहा जाएगा. इसमें कम से कम 50 फीसदी राज्यों की सहमति जरूरी है. बीजेपी ने अपने सभी लोकसभा सांसदों को 8 अगस्त को सदन में रहने का व्हिप जारी किया है. 
 
 
शाह ने बुलाई बैठक
वहीं बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने 27 अगस्त को GST को लेकर बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई है. GST बिल चुंकि संविधान संशोधन बिल है इसलिए 15 राज्यों के विधानसभाओं से भी मंजूर कराना है. शाह अपने मुख्यमंत्रियों से जल्द से जल्द मंजूर कराने के लिए कहने वाले हैं. इसके साथ ही आम आदमी से जुड़ी सरकारी की योजनाओं के कार्यान्वन पर चर्चा होगी.
 
15 राज्यों से पास होना जरुरी
GST पास कराने के लिए अभी नौ राज्यों में बीजेपी की सरकार है, जिसमें छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, असम, झारखंड, हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र और गोवा. इसके अलावा में चार राज्यों में बीजेपी गठबंधन सरकारें हैं. आंध्र प्रदेश, नागालैंड, पंजाब,  जम्मू-कश्मीर. यानी की बीजेपी के पास 13 राज्य हैं और GST का 15 राज्यों से पास होना जरूरी है. बिहार और बंगाल से समर्थन की बात कही जा चुकी है. 
 
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GST संसोधन बिल राज्यसभा में 3 अगस्त को ही पास हो गया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक बिल के पक्ष में 203 वोट पड़े हैं जबकि विरोध में एक भी वोट नहीं डाला गया. बिल की मंजूरी के पक्ष में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कई बातें रखी. जिसमें उन्होंने कहा कि GST के लागू होने का बाद कर बचाना मुश्किल हो जाएगा. बिल के पास हो जाने पर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली को बधाई दी है.