नई दिल्ली. केंद्र सरकार काले धन पर कानून लाने जा रही है. कल कैबिनेट ने काले धन के बिल को मंजूरी दी है. कैबिनेट ने जिस बिल को मंजूरी दी है उससे तो कानून सख्त लगता है लेकिन टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक कानून लागू होने से पहले सरकार मामला रफा-दफा करने की स्कीम ला सकती है जिसके तहत दोषी पेनल्टी देकर जेल जाने से बच सकते हैं. मनी बिल होने के कारण राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद सरकार संसद में बिल पेश करेगी. 
  
बिल में कालाधन छिपाने वालों को 10 साल की सजा हो सकती है. छिपाये गये काले धन और संपत्ति पर तीन सौ फीसदी जुर्माना वसूलने का प्रस्ताव है. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक कानून लागू होने से पहले मामला रफा-दफा करने की स्कीम ला सकती है सरकार. काले धन वाले पेनल्टी देकर जेल जाने से बच सकते हैं. अगर रिटर्न में विदेशी संपत्ति का पूरा ब्योरा नहीं दिया या आधा-अधूरा दिया तो सात साल की सजा हो सकती है. काले धन पर रोक के लिए प्रस्तावित कानून के मुताबिक दोषी को सेटलमेंट कमीशन में अपील का अधिकार नहीं होगा. 
 
काले धन पर वादे से मुकरने तक की किरकिरी झेल रही मोदी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. काले धन पर नए कानून के मसौदे को कैबिनेट ने मंजूर कर लिया है और मुमकिन है कि ये मसौदा संसद के इसी सत्र में रख भी दिया जाएगा. काले धन पर लगाम लगाने के लिए मोदी सरकार की कैबिनेट ने नए कानून के मसौदे को मंजूरी दे दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में मसौदे को अंतिम रूप दिया गया और अब संसद के इसी सत्र में बिल के मसौदे को रखने की कोशिश की जाएगी. इस तरह के कानून का एलान वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में किया था और आज फिऱ लोक सभा में आम बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए सरकार की मंशा दोहराई.
  
काले धन पर बिल की बड़ी बातें
विदेश में काला धन छुपाने पर 300 प्रतिशत जुर्माना 
10 साल की सजा का भी प्रावधान होगा
ऐसे आरोपी को सेटलमेंट कमीशन में भी पनाह नहीं मिलेगी.
विदेशी संपत्ति के बारे में रिटर्न दाखिल न करने या अधूरा रिटर्न दाखिल करने पर सात साल की कैद होगी.
विदेशी संपत्ति के स्वामी या उससे लाभ लेने वाले व्यक्ति को आय न होने पर भी रिटर्न दाखिल करना होगा.
काला धन जमा करने के लिए उकसाने वाले बैंकों के खिलाफ कार्रवाई होगी.
आयकर रिटर्न में बताना होगा, किस तारीख में खुला विदेशी बैंक में खाता.
 
केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी ने लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान काले धन को बड़ा मुद्दा बनाते हुए पार्टी की सरकार बनने पर विदेशों में जमा काले धन को वापस लाने की बात कही थी जबकि इस मामले में चुप्पी को लेकर विपक्ष आरोप लगाता रहा है कि सरकार अपने ही वादे पर गंभीर नहीं है.