लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बाजी मारने के लिए कांग्रेस जोर-शोर से लगी है. सीएम कैंडिडेट शीला दीक्षित चार दिवसीय दौरे के लिए शनिवार को लखनऊ जाएंगी. शीला अपनी ससुराल उन्नाव-लखनऊ का भी दौरा करेंगी.
 
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बता दें शीला दीक्षित का उन्नाव और कन्नौज से गहरा नाता रहा है. वे अपने आप को यूपी का पुत्रवधू भी बताती है. वे कन्नौज से एक बार सांसद भी रह चुकी हैं. हालांकि उसके बाद प्रदेश की सक्रिय राजनीति से वे दूर गई थीं.
 
रिपोर्ट्स के अनुसार कांग्रेस का परंपरागत वोट बैंक रहे ब्राह्मण समुदाय के लोग मंदिर-मंडल की राजनीति के उभरने के बाद बीजेपी के पाले में चले गये थे. इस बीच मायावती की बसपा को भी बड़ी संख्या में ब्राह्मणों का वोट मिलने लगा. इसलिए कांग्रेस ने शीला दीक्षित को सीएम कैंडिडेट के लिए उतारकर ब्राह्मण कार्ड खेला है.
 
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UP की बहू हैं शीला
यूपी में प्रमुख चेहरे के लिए प्रशांत किशोर की तीसरी पसंद शीला दीक्षित थीं. शीला दीक्षित पंजाबी हैं. उनका जन्म कपूरथला में हुआ है और उनकी शादी उत्तर प्रदेश के ब्राहमण नेता उमाशंकर दीक्षित के बेटे से हुई थी तो इस लिहाज से शीला दीक्षित उत्तर प्रदेश में बहू मानी जाती हैं. शीला दीक्षित से जब इस पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि यूपी की बहू हूं और मेरे ख्याल से यही काफी है. दीक्षित ने कहा कि मैं अक्सर ससुराल जाती रहती हूं.