नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस बार 15 अगस्त पर भाषण देना खतरे से खाली नहीं है. खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों ने स्वतंत्रता दिवस पर सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी किया है. रिपोर्ट्स के अनुसार पीएम मोदी जब लाल किले के प्राचीर से देश को संबोधित कर रहे होंगे उस वक्त उन पर ड्रोन से हमला हो सकता है.
 
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खुफिया एजेंसियों के माने तो इस बार लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और जमात-उद-दावा के आतंकी इस फिराक में हैं. एजेंसियों के अलर्ट के बाद 15 अगस्त को पीएम की सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए हैं. इस बार लाल किले के आस-पास और पीएम के रूट और 7 आरसीआर पर 75 जाबांज कमांडो तैनात किए जाएंगे. जो किसी भी हवाई हमले से निपटने के लिए सक्षम हैं. वहीं दिल्ली पुलिस लाल किले के आस-पास 200 कैमरे लगाएगी. इसके साथ ही 100 महिला कमांडो तैनात किए जाएंगे.
 
 
पीएम डेलीगेशन के लिए सुरक्षा के मद्देनजर लाल किले पर खास पीएम ब्लॉक बनाया जा रहा है. इसमें देश-विदेश के करीब 195 मेहमान बैठेंगे. खुफिया एजेंसियों ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाग को आगाह किया है कि आतंकी पीएम मोदी पर बड़ा हमला कर सकते हैं. इसलिए पीएम मोदी को लाल किले पर बुलेटप्रुफ इनक्लोजर से भाषण देना चाहिए. 
 
अगर मोदी की सुरक्षा को एजेंसियों की सलाह पर कड़ा किया जाता है तो ऐसा पहली बार होगा जब वे बुलेटप्रुफ इनक्लोजर से भाषण देंगे. सूत्रों के अनुसार एजेंसियों का कहना है कि आतंकी पीएम मोदी पर हमला करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं. 
 
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एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केवल कश्मीर में खराब हालात या सीमा पार से घुसपैठ में बढोत्तरी के कारण ऐसी सलाह नहीं दी गई है बल्कि सुरक्षा एजेंसियों ने पीएम मोदी के सुरक्षा घेरे को तोड़ने के लिए ड्रोन के इस्तेमाल करने संबंधी एक संदेश को पकड़ा है. दूसरा कारण ये भी है कि दुनिया भर में आईएसआईएस से जुड़े आतंकी हमले भी बढे़ हैं.