नई दिल्ली. गृहमंत्री राजनाथ सिंह कश्मीर में जारी हिंसा के बीच पाकिस्तान में होने वाली सार्क देशों की कॉन्फ्रेंस में दो दिन के दौरे पर बुधवार को इस्लामाबाद जाएंगे. राजनाथ सिंह तीन अगस्त और चार अगस्त को होने वाले सार्क इंटीरियर एंड होम मिनिस्टर्स कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेंगे. 
 
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जमात-उत-दावा चीफ हाफिज सईद ने धमकी दी है अगर राजनाथ आते हैं तो पूरे पाकिस्तान में प्रदर्शन होगा. हाफिज सईद की धमकी को देखते हुए पाकिस्तान सरकार ने राजनाथ सिंह की राष्ट्रपति स्तर की सुरक्षा देने का फैसला किया है.
 
 
क्या है राष्ट्रपति स्तर की सुरक्षा
गृहमंत्री राजनाथ को अगर राष्ट्रपति स्तर की सुरक्षा दी जाती है तो इसका मतलब है कि उनके साथ 200 सुरक्षाकर्मियों का दस्ता रहेगा जिसमें पाकिस्तान की स्पेशल फोर्स के कमांडो भी शामिल रहेंगे. गृहमंत्री की सुरक्षा का फैसला प्रधानमंत्री  नवाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई एक हाई लेवल मीटिंग में लिया गया.
 
 
कश्मीर पर होगी बात !
पठानकोट एयरबेस और कश्मीर में हालिया तनाव के बाद यह यात्रा बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है. रिपोर्ट्स के अनुसार राजनाथ सिंह इस्लामाबाद में सार्क कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के अलावा वहां के वरिष्ठ नेताओं और अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी कर सकते हैं. ऐसा कहा जा रहा है कि भारत सरकार इस दौरे से ये साबित करना चाहती है कि वह किसी भी स्थिति में क्षेत्रीय विकास और उससे जुडी वार्ता से समझौता नहीं कर सकती.
 
 
बुरहान वानी के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद कश्मीर घाटी में भड़की हिंसा पर पाकिस्तान ने खुलकर विरोध किया था. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने बुरहान वानी को शहीद तक बताया था और पाकिस्तान में वानी के मारे जाने के विरोध में ब्लैक डे भी बनाया था. 
 
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वहीं भारत ने पाकिस्तान के बड़बोलेपन का विदेश मंत्री सुषमा स्वाराज ने नवाज शरीफ करारा जवाब देते हुए कहा कि पाकिस्तान का कश्मीर पाने का सपना कयामत तक पूरा नहीं होगा और कश्मीर को भारत कभी नरक नहीं बनने देगा. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने कभी भी कश्मीर की भलाई नहीं चाही है, उसने केवल घाटी में दहशत फैलाने के लिए आतंकवादी दिए हैं.