अहमदाबाद. गुजरात में विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने बड़ा दाव चला है. सरकार आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहे पटेलों को मनाने में जुट गई है, पाटीदार आंदोलन के दौरान हुए पाटीदार समुदाय के सदस्यों के खिलाफ दर्ज पुलिस मामलों में 90 फीसदी केसों को भी राज्य सरकार ने वापस लेने का फैसला किया है.
 
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सीएम आनंदीबेन की अगुवाई में एक समीक्षा समीति ने इस मामले पर सहानुभूतिपूर्वक चर्चा करने के लिए एक बैठक की थी क्योंकि पटेलों ने उनसे मामले वापस लिए जाने के लिए अपील की थी. चर्चा के बाद पाटीदार समुदाय के सदस्यों के खिलाफ दर्ज 90 फीसदी केस राज्य सरकार ने वापस लेने का फैसला किया है.
 
सरकार ने पहले 155 मामले वापस लेने के आदेश दिया था. पिछले शुक्रवार को बैठक में आनंदीबेन ने 54 मामले वापस लेने का आदेश दिया. उन्होंने राज्य के गृह विभाग को और 182 मामले शीघ्र वापस लेने के लिए जरूरी कदम उठाने को भी कहा.
 
पिछड़ा वर्ग के तहत आरक्षण की मांग के समर्थन में पटेल समुदाय के नेता हार्दिक पटेल ने कहा कि आंदोलन 14 अगस्त से शुरू होगा. गुजरात में महिलाएं थाली बजाकर इसकी शुरुआत करेंगी. आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिजन उनकी याद में उसी दिन दीया जलाएंगे.
 
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बैठक में ये भी तय किया गया कि आंदोलन के दौरान पटेलों के खिलाफ दर्ज ‘गलत आपराधिक मामलों को’ हटाने के लिए दबाव बनाया जाएगा. 28 अगस्त को इस सिलसिले में अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे जाएंगे.