नई दिल्ली. संसद परिसर का वीडियो बनाने के मामले में फंसे AAP सांसद भगवंत मान गुरुवार को तीन बजे मामले की जांच के लिए बनी 9 सदस्यीय कमेटी के सामने पेश होंगे. लेकिन इससे पहले मान सुबह 11 बजे तक उन्हें किरीट सोमैया की अध्यक्षता वाली कमेटी को अपना जवाब सौंपना है.

 
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भगवंत मान ने 9 सदस्यीय कमेटी के सामने अपने वकील के साथ पेश होने की इजाजत मांगी थी, जिसे कमेटी ने खारिज कर दिया. बता दें कि जांच के लिए लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने 9 सदस्यों की एक जांच कमेटी बनाई थी और जांच का नतीजा सामने आने तक भगवंत मान को संसद की कार्यवाही से दूर रहने को कहा था.
 
 
भगवंत मान ने कहा है कि मैं अपनी बात लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के सामने साफ तौर रख दी थी. स्पीकर ने कहा कि जो मैंने किया है वह गलत है. इस बात पर मैंने बिना शर्त मांफी भी मांग ली थी. उन्होंने कहा कि मैंने स्पीकर को चिट्ठी लिखकर पीएम नरेंद्र मोदी को भी समन भेजने के लिए कहा है, क्योंकि अगर मैं दोषी हूं तो प्रधानमंत्री 100 गुना ज्यादा दोषी हैं.
 
 
मान ने चिट्ठी में लिखा कि 2001 में पाकिस्तान कि खूफिया एजेंसी (ISI) ने संसद पर हमला किया. फिर 2016 में उसी ISI ने पठानकोट एयरबेस पर हमला किया. मोदी जी ने उसी ISI को पठानकोट एयरबेस में बुलाकर पूरा पठानकोट का एयरबेस दिखाया. वो लोग पूरे एयरबेस नक्शा बनाकर पाकिस्तान ले गए. क्या इससे पूरे देश की सुरक्षा को खतरा नहीं हुआ? मेरा वीडियो बनाना देश की सुरक्षा के लिए खतरा है या प्रधानमंत्री जी का ISI को बुलाकर देश की रक्षा के लिए खतरा है.
 
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लोकसभा के इन नियमों को मान ने तोड़ा 
लोकसभा का नियम 352 कहता है कि संसद के अंदर की वीडियो रिकार्डिंग नहीं की जा सकती. मान पर इस नियम को तोड़ने का आरोप लगा है. लोकसभा का ही नियम 334 (A) कहता है कि संसदीय कार्रवाई की एडवांस पब्लिसिटी नहीं की जा सकती. वीडियो बनाकर भगवंत मान ने इस नियम को भी तोड़ा है.