नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोहिनूर हीरा को भारत वापस लाने के लिए ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा से बातचीत की है. हालांकि मंगलवार को ही ब्रिटेन के एशिया मामलों के मंत्री का बयान आया था कि जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत को कोहिनूर नहीं लौटाया जा सकता है. मंत्री ने यह भी कहा था कि भारत को कोहिनूर लेने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है.
 
 
मंत्री ने कहा कि पंजाब के राजा ने कोहिनूर हीरा गिफ्ट में दिया था इसलिए भारत के पास कोहिनूर हीरे को वापस मांगने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है. 
 
 
विदेश मंत्रालय के जवाहर भवन में हुई बैठक में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और संस्कृति मंत्री महेश शर्मा के साथ कई मंत्रालयों के सचिव भी शामिल हुए. सूत्रों के मूताबिक कोहिनूर को इंग्लैंड के राजघराने से भारत वापस लाने की प्रक्रिया शुरू की जाए. इसके लिए सरकारों के बीच बातचीत तो होगी लेकिन इससे पहले की प्रक्रिया तय होनी है. यानी पहले ये तय किया जाए कि प्रक्रिया का स्वरूप कैसा हो.
 
 
‘उम्मीद नहीं छोड़े’
कोहिनूर हीरे को वापस लाने पर मोदी सरकार का कहना है कि लोगों को कोहिनूर पर उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए क्योंकि वह उसे वापस लाने की हर कोशिश करेगी. अपने बयान में सरकार ने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू का जिक्र करते हुए कहा कि कोहिनूर वापस लाने पर तो नेहरू ने ही 1956 में ऑन रिकॉर्ड कहा था कि यह दोबारा लाना संभव नहीं है. कोहिनूर को वापस लाने में कई दिक्कतें आएंगी.