नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस के मामले में जमकर फटकार लगाई है. कोर्ट ने कहा कि राजपाल को 6 दिन के लिए नहीं, बल्कि 6 महीने के लिए जेल भेजना चाहिए. वहीं कोर्ट का कहना है कि राजपाल ने आदेशों को हलके में लिया है. वे कोर्ट को शुक्रवार तक बताये कितना पैसा दे सकते है. अगर पैसे नहीं दिए तो जेल जाने के लिए भी तैयार रहें. दरअसल दिल्ली हाईकोर्ट ने राजपाल यादव को 15 जुलाई तक तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण करके पूर्व में उन्हें दी गई सजा के बचे हुए 6 दिन काटने का निर्देश दिया था, जिसको उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. राजपाल यादव को यह सजा झूठा हलफनामा दायर करने के आरोप में 2013 में दी गई थी.
 
दरअसल इस मामले की शुरुआत तब हुई जब दिल्ली के कारोबारी एमजी अग्रवाल ने पांच करोड़ रुपये के ऋण भुगतान में नाकाम रहने पर राजपाल यादव और उनकी पत्नी के खिलाफ वसूली वाद दायर किया था. यादव ने साल 2010 में निर्देशक के रूप में पहली फिल्म बनाने के लिए ऋण लिया था. यादव पर आरोप है कि उस मामले में अदालत को गुमराह करने के लिए उन्‍होंने झूठा हलफनामा दायर किया था.