नई दिल्ली. पनामा पेपर्स लीक मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई होगी. सोमवार को सीबीआई कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करेगी. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल की गई थी. याचिका में पनामा पेपर्स में सामने आए विदेशों में खाते रखने वाले भारतीयों के खिलाफ कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच कराने की मांग की गई है.
 
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यह याचिका वकील एमएल शर्मा ने दाखिल की है. इस याचिका में पनामा पेपर्स में सामने आये विदेशों में खाता रखने वाले भारतीयों के खिलाफ कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच कराने की मांग की गई है. वहीं इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर सीबीआई, केंद्र सरकार और आरबीआई से जवाब मांगा है. 
 
 
क्या है याचिका में?
याचिका में शर्मा ने कहा है कि उन्होंने इस बारे में पिछले साल 10 नवंबर और 9 अप्रैल को भारत सरकार व राष्ट्रपति को ज्ञापन दिया था लेकिन उन्हें आज तक उसका कोई जवाब नहीं मिला. इस याचिका को दाखिल करने का नया आधार बीते 3 अप्रैल को पैदा हुआ. जब पनामा पेपर्स लीक प्रकरण में 500 से ज्यादा भारतीयों के विदेशों में खाते होने की खबर छपी. याचिकाकर्ता की यह भी दलील है कि 100 लाख करोड़ ऑफश्योर बैंक अकाउंट में पड़े हैं जिनमें से 25 लाख करोड़ भारत में ही हैं इसकी जांच होनी चाहिए.
 
 
पनामा की लॉ फर्म मोसेक फोंसेका के खुफिया दस्तावेज लीक होने से दुनियाभर के कई दिग्गज नेता, कारोबारी और सेलेब्रिटीज इसके लपेटे में आ गए हैं. इन दस्तावेजों के लीक होने से पता चला है कि बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन, एश्वर्या राय, अजय देगवन, नीरा राडिया ने अपनी संपत्ति को छिपाने के लिए टैक्स हैवन की मदद ली है.
 
 
इतना ही नहीं इन दस्तावेजों में रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के करीबि‍यों, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ , मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति होस्नी मुबारक, सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद, पाकिस्तान की पूर्व पीएम बेनजीर भुट्टो का भी नाम है.
 
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यह दुनिया के सबसे बड़े खुलासों में से एक बताया जा रहा है. तकरीबन 1 करोड़ 15 लाख से ज्यादा बेहद खुफिया डॉक्यूमेंट्स लीक हो गए हैं. इसके लपेटे में 70 से ज्यादा वर्तमान या पूर्व राष्ट्राध्यक्ष और तानाशाह आ गए हैं.