नई दिल्ली. भ्रष्टाचार के आरोप में घिरे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पूर्व प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार की जमानत पर सोमवार को पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई होगी. पिछले सुनवाई में कोर्ट ने अपना आदेश 25 जुलाई तक के लिए सुरक्षित रख दिया था. सीबीआई ने कोर्ट के सामने राजेंद्र कुमार की जमानत याचिका का विरोध किया था. 
 
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सीबीआई का आरोप
सीबीआई का आरोप है कि राजेंद्र कुमार ने अपनी ही कंपनी बनाकर उसे सरकारी ठेके दिलवाए. इस मामले की शुरुआत दिल्ली डॉयलॉग कमीशन के पूर्व अधिकारी और ब्यूरोक्रेट आशीष जोशी की शिकायत पर हुई. शिकायत में कहा गया है कि 2006 में एंडेवर्स सिस्टम्स नाम की कंपनी बनाई गई. ये राजेंद्र कुमार और शोक कुमार की फ्रंट कंपनी है. दिनेश कुमार गुप्ता और संदीप कुमार इसके निदेशक थे. ये कंपनी सॉफ्टवेयर और सॉल्यूशन मुहैया कराती थी. इस कंपनी को पब्लिक सेक्टर यूनिट के जरिए सरकारी ठेके दिए जाते थे. यानी सरकारी पैसा घूम कर राजेंद्र कुमार की कंपनी के पास ही आता था. यह कुल मिलाकर 50 करोड़ रुपये का घोटाला है.
 
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अशोक कुमार ने कबूला !
राजेंद्र कुमार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं क्योंकि सीबीआई ने उनके साथ-साथ एंडेवर कंपनी के 4 डॉयरेक्टरों को तरुण शर्मा, दिनेश गुप्ता, संदीप कुमार, अशोक कुमार गिरफ्तार किया गया था. और सूत्रों के अनुसार सीबीआई पूछताछ में अशोक कुमार ने बात कबूल ली है कि उसने राजेंद्र कुमार के कहने पर रिश्वत ली है.