नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर के हालात को लेकर राज्यपाल शासन लागू करने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई को तैयार है गया है. कोर्ट इस मामले में अगले हफ्ते सुनवाई करेगा. ये याचिका J&K नेशनल पेंथर पार्टी की ओर से दाखिल की है. 
 
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बता दें कि आतंकी सगंठन हिजबुल मुजाहिद्दीन का कमांडर बुरहान वानी जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एनकाउंटर में मारे जाने के बाद कश्मीर में 14 दिन बाद भी 10 जिलों में कर्फ्यू जारी है. बुराहान के मारे जाने के बाद श्रीनगर में अलगावादियों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया. इस विरोध प्रदर्शन में सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है और 4000 के करीब लोग घायल हो गए हैं.
 
 
क्या कहा SC ने ?
शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने कहा आप संविधान के सेक्शन 92 की बात करते है लेकिन ये शक्ति तो राज्यपाल के पास है हमारे पास नहीं. हम राज्यपाल और उनकी शक्तियों को निर्देशित नहीं कर सकते. कोर्ट ने कहा आप जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट में क्यों नहीं जाते वो जमीनी हकीकत को बखूबी समझते है वहां इस मामले की सुनवाई के लिए अर्जी दाखिल करे. हालांकि बाद में कोर्ट ने याचिकाकर्ता के अनुरोध को स्वीकार करते हुए कहा इस मामले को अगले हफ्ते सुनवाई को तैयार हो गया है.
 
 
क्या कहा गया है याचिका में
याचिका में कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर में पिछले दो हफ्ते से रूल ऑफ गन चल रहा है. लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे, राज्य में जैसे मार्शल लॉ चल रहा है. लोग जेल कैदियों से भी बदतर हालात में रह रहे हैं, उनके पास ना खाना है, नलों में पानी नहीं है और दवा तक नहीं है. राज्य में नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा है.