नई दिल्ली. गुजरात के उना में दलित उत्पीड़न के मामले को लेकर गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में बयान दिया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है. विपक्ष का आरोप है कि इस सरकार में दलितों पर अत्याचार की घटनाएं बढ़ रही हैं.

 
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उना में हुई इस घटना का ब्यौरा देते हुए उन्होंने कहा कि 11 जुलाई 2016 की यह घटना हई. इस घटना के पीड़ित एक मृत गाय की चमड़ी निकाल रहे थे, आरोपी वहां आए और लोहे और डंडे से उन्हें पीटना शुरू कर दिया. उनके फोन भी ले लिए गए. इन सभी के खिलाफ 11 जुलाई को ही केस दर्ज कर लिया गया था.
 
पीड़ितों में से एक ने ही आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करवाया है. मामले की जांच डीएसपी कर रहे हैं. नौ अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है. चार न्यायिक हिरासत में हैं. बाकी पुलिस हिरासत में है. कुल चार अधिकारियों एक पुलिस इंस्पेक्टर, दो एसआई और एक हेड कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है. उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही भी की जा रही है.
 
अपराध की जांच सीआईडी क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है. मामले की सुनवाई स्पीडी ट्रायल के लिए स्पेशल कोर्ट बनाने के लिए हाईकोर्ट से संपर्क किया गया है. विशेष अभियोजक को राज्य सरकार नियुक्त कर रही है. जांच अधिकारी को चार महीनों में कोर्ट में रिपोर्ट देनी है.
 
राज्य सरकार पीड़ित परिवार को चार लाख को मुआवजा देगी और सभी के इलाज का खर्चा भी वहन कर रही है. राज्य सरकार पूरे मामले को देख रही है. इस मामले में गुजरात सरकार ने तेजी से एक्शन लिया. गुजरात सरकार अपने काम के लिए बधाई की पात्र है. उनकी प्रशंसा की जानी चाहिए.
 
1999 तक दलितों पर अत्याचार की घटनाओं का जैसे ही राजनाथ ने जिक्र आरंभ किया. इसके बाद विपक्ष ने उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया. उन्होंने कहा कि दलितों पर अत्याचार चाहें बीजेपी शासित राज्य में हों या फिर कांग्रेस शासित राज्य में हों ये घटनाएं बेहद दुर्भाग्यपूर्ण होती हैं. उन्होंने आगे कहा कि यह बहुत बड़ी विडमंबना है आजादी के इतने साल बाद भी दलितों पर अत्याचार हो रहे हैं.
 
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राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि यह एक बहुत बड़ी सामाजिक बुराई है. सभी राजनीतिक दल के नेताओं को इस समस्या के समाधान के लिए एक जुट होकर काम करना होगा. उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के बनने के बाद से दलितों की स्थिति में सुधार हुआ है. उन्होंने कहा कि देश में पहली बार देश के गरीबों को, दलितों को देश की मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया गया है. उन्होंने कहा कि मैं सदन से विनती करता हूं कि इस प्रकार की घटनाएं बाद में न हों इसके लिए हम सबको मिलकर काम करना होगा.