नई दिल्ली. आपने जल ही जीवन है के बारे में पढ़ा और सुना होगा. लेकिन जल ही अमृत है इसके बारे में आपने न ही पढ़ा और सुना होगा. सोमवार को निर्भया गैंग रेप मामले में सुनवाई करते हुए जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा शरीर के लिए पानी से बड़ा ऊर्जा का कोई स्रोत नहीं है, आप जब तक पानी पीते रहेंगे तब तक आप सही तरीके से खड़े हो कर अपनी बातों को रख सकते है.
 
इनख़बर से जुड़ें | एंड्रॉएड ऐप्प | फेसबुक | ट्विटर
 
इतना ही नहीं अगर आप धीरे धीरे पानी पीते रहेंगे तो आपको लगेगा आप अमृत पी रहे है और वाकई पानी अमृत की तरह है. दरअसल सोमवार को निभया गैंग रेप मामले की सुनवाई के दौरान दोषियों के वकील एम एल शर्मा सही तरीके से बहस नहीं कर पा रहे थे.
 
Stay Connected with InKhabar | Android App | Facebook | Twitter
 
शर्मा की आवाज बार बार फंस रही थी और वो बहुत हल्की आवाज में बहस कर रहे थे. जिसपर कोर्ट ने उनको पानी पीने की सलाह दी. जिसके बाद वकील एम एल शर्मा ने सही तरीके से बहस की और मामले की सुनवाई ख़त्म होने के बाद कोर्ट ने उन्हें अमृत ज्ञान दिया.