नई दिल्ली. कालाधन की जांच को लेकर बनी विशेष जांच दल (एसआईटी) ने 3 लाख से ज्यादा कैश के ट्राजिक्शन पर रोक लगाने की सिफारिश की है. साथ ही एसआईटी ने नकदी रखने की अधिकतम सीमा 15 लाख रुपये तय करने की भी सिफारिश की है.
 
इनख़बर से जुड़ें | एंड्रॉएड ऐप्प | फेसबुक | ट्विटर
 
रिपोर्ट्स के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट में सौंपी अपनी पांचवी रिपोर्ट में एसआईटी ने कहा कि रोक और सीमा न तय होने की वजह से बहुत ज्यादा अघोषित ली-दी और रखी जाती है.
 
जानकारी के अनुसार रिपोर्टों को देखते हुए एसआईटी को लगता है कि तीन लाख रुपए से अधिक के लेनदेन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया जाना चाहिए. साथ ही कानून के टूटने पर सजा के प्रावधान की अपील भी एसआईटी ने की है.
 
Stay Connected with InKhabar | Android App | Facebook | Twitter
 
गौरतलब है कि कालाधान को लेकर बहस के बीच सुप्रीम कोर्ट ने इसकी जांच के लिए मई 2014 में एसआईटी का गठन किया था. न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) एम.बी.शाह इसके अध्यक्ष हैं, जबकि न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अरिजित पसायत उपाध्यक्ष हैं. कुल 11 एजेंसियां उसके तहत काम कर रही हैं.