नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड के बाद केंद्र सरकार को अरूणाचल प्रदेश में दूसरा बड़ा झटका दिया है. कोर्ट ने अरुणाचल प्रदेश में फिर से नबाम तुकी की सरकार को बहाल करने का फैसला सुनाया है. कोर्ट ने गवर्नर की तरफ से बुलाए गए विधानसभा सत्र को भी असंवैधानिक बताते हुए कहा है कि अरुणाचल प्रदेश में 15 दिसंबर 2015 की स्थिति बहाल की जाए.
 
बता दें कि इस फैसले से राज्य में फिर कांग्रेस का शासन बहाल होगा और नबाम तुकी एक बार फिर राज्य के मुख्यमंत्री बनेंगे.
 
क्या कहा कोर्ट ने ?
 
कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा है कि गर्वनर को विधानसभा का सत्र जल्दी बुलाने का अधिकार नहीं है. कोर्ट के फैसले के मुताबिक 15 दिसंबर, 2015 के बाद हुए सभी फैसले निष्प्रभावी माने जाएंगे और अरुणाचल में कांग्रेस की नबाम तुकी की अगुवाई में एक बार फिर कांग्रेस की सरकार बनेगी. 
 
पिछले साल से है अरुणाचल में उठापटक
 
अरुणाचल प्रदेश में पिछले साल दिसंबर से राजनीतिक उठापटक चल रही है. राज्य में तब राजनीतिक संकट गहरा गया था, जब 60 सदस्यीय विधानसभा में सत्तापक्ष कांग्रेस के 47 में से 21 विधायकों ने मुख्यमंत्री नाबाम तुकी को हटाने की मांग की थी.
राज्य में जारी राजनीतिक गतिरोध को देखते हुए केंद्र सरकार ने 24 जनवरी को वहां राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर दी थी. इसे कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. 
 
राहुल और केजरीवाल ने भी किया ट्वीट
 
कोर्ट के फैसले के बाद जहां एक ओर अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री नबाम तुकी ने एक ट्वीट में लिखा कि, ‘यह ऐतिहासिक और असाधरण फैसला है, जिसकी लोग उम्मीद कर रहे थे.’ वहीं दूसरी ओर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस मामले में ट्वीट कर धन्यवाद कहा है.