श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने  कश्मीर में शांति और कानून-व्यवस्था बहाली के लिए लोगों से सहयोग देने की अपील की और इस बात पर अफसोस जाहिर किया कि ‘कुछ लोग’ अपने निहित स्वार्थो के लिए उपद्रव और अशांति को बढ़ावा दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शांति बहाल करने के लिए अनेक उपाय अपना रही है, साथ ही उन्होंने राज्य की जनता से इसमें सहोयग देने की भी अपील की. 
 
इनख़बर से जुड़ें | एंड्रॉएड ऐप्प | फेसबुक | ट्विटर
 
महबूबा ने बुलाई बैठक
महबूबा ने अपने आवास पर कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और प्रख्यात लोगों से मुलाकात की. उन्होंने कहा, “मैं राजनेताओं, मीडिया, धर्मगुरुओं, कारोबार जगत और प्रख्यात लोगों सहित समाज के हर वर्ग से विनती करती हूं कि वे इस समय आगे आएं और कश्मीर घाटी में शांति और कानून-व्यवस्था को बहाल करने में सरकार का सहयोग दें.” महबूबा के आवास पर यह बैठक करीब दो घंटे तक चली और महबूबा ने इस दौरान सामाजिक संगठनों को सरकार द्वारा शांति बहाली की दिशा में उठाए गए कदमों से अवगत कराया और स्थिति को सामान्य करने के लिए उनसे सुझाव भी मांगे.
 
 
आतंकी सगंठन हिजबुल मुजाहिद्दीन का कमांडर बुरहान वानी जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एनकाउंटर में मारे जाने के बाद श्रीनगर में अलगावादियों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया. इस विरोध प्रदर्शन में सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में 29 लोगों की मौत हो गई है और 800 के करीब लोग घायल हो चुके हैं जिनमें 100 पुलिसकर्मी हैं. 10 जिलों में अभी भी कर्फ्यू जारी है.
 
 
विदेशी दौरे से लौटने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कश्मीर में भड़की हिंसा का जायजा लेने और इस पर रोकथाम के लिए एक हाई लेवल बैठक बुलाई थी. इस बैठक में गृहमंत्री राजनाथ सिंह, रक्षामंत्री पर्रिकर, विदेशमंत्री सुषमा स्वराज, वित्तमंत्री अरुण जेटली के अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के साथ कई अन्य अधिकारी शामिल हुए थे.