नई दिल्ली. आतंकवाद की पैरवी करने के विवादों में घिरे डॉक्टर ज़ाकिर नाईक के खिलाफ देश की जांच एजेंसियां अब हरकत में आई हैं. मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर और बीजेपी सांसद सत्यपाल सिंह का आरोप है कि 2008 में यूपीए सरकार ने ज़ाकिर नाईक के बारे में पुलिस की रिपोर्ट को रद्दी की टोकरी में डाल दिया था. तो क्यों 25 साल तक किसी सरकार ने ज़ाकिर को क्यों नहीं रोका. 
 
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बांग्लादेश में आतंकी हमला करने वाले दो युवक नाइक के अनुयायी बताए जा रहे हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार यह आतंकी जाकिर के भाषण सुना करते थे. इसके अलावा एक आतंकी रोहन इम्तियाज ने पिछले साल फेसबुक पर नाईक का एक संदेश पोस्ट किया था. जिसमें जाकिर ने कहा था कि सभी मुस्लिमों को आतंकी होना चाहिए.
 
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क्या ज़ाकिर नाईक को कांग्रेस ने शह दी. इंडिया न्यूज के खास शो ‘बड़ी बहस‘ में आज इसी सवाल पर पेश है चर्चा.
 
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