गुवाहाटी. असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल विस्तार की आलोचना की. उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में असम की अनदेखी की गई. गुवाहाटी में गोगोई ने कहा, “असम की जनता की ओर से बीजेपी को दिए गए शासन के अधिकार को देखते हुए मंत्रिमंडल में कम से कम दो मंत्री शामिल किए जाने चाहिए थे, जिनमें कम से कम एक कैबिनेट मंत्री होता.” 
 
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गोगोई ने सवाल किया, “केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठकों में असम की इच्छाओं और आकांक्षाओं को किस तरह रखा जाएगा?” उन्होंने कहा कि मोदी द्वारा मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान असम की व्यापक तौर पर उपेक्षा की गई. गोगोई ने असम सरकार की 127 वस्तुओं पर मूल्य वर्धित कर (वैट) बढ़ाने और पेट्रोल और डीजल पर दिए जा रहे अनुदान को खत्म करने के फैसले को लेकर आलोचना की. उन्होंने कहा कि इससे राज्य की जनता को बहुत कड़ी चपत लगी है.
 
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गोगोई ने कहा, “बीजेपी ने चुनाव अभियान के दौरान अच्छे दिन का प्रचार किया था, लेकिन वे अच्छे दिन असम की जनता देख रही है.” उन्होंने सवाल किया, “उनके वादे वाले अच्छे दिन कहां हैं? मैं यह स्वीकार करता हूं कि मैं मूल्य वृद्धि रोकने में नाकाम रहा, लेकिन बीजेपी भी इसमें क्यों असफल है?”