ज्यूरिख. स्विटजरलैंड के बैंकों में भारतीय नागरिकों की 1.2 अरब स्विस फैरंक्स (सीएचएफ) जमा राशि (लगभग 8,392 करोड़ रुपये) के साथ भारत 75वें पायदान पर पहुंच गया है. स्विस नेशनल बैंक ने 1997 में जब से इस तरह के आंकड़े जारी करने शुरू किए हैं, तब से यह अब तक का न्यूनतम स्तर है. ताजा आंकड़े इस सप्ताह के प्रारंभ में जारी हुए थे. 
 
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भारत 2007 तक स्विस बैंकों में जमा पूंजी के लिहाज से शीर्ष 50 देशों में शामिल था. भारत ब्रिक्स देशों में भी न्यूनतम पायदान पर पहुंच गया है. रूस 17.6 अरब सीएचएफ के साथ 17वें स्थान पर, चीन 7.4 अरब सीएचएफ के साथ 28वें स्थान पर, ब्राजील 4.8 अरब सीएचएफ के साथ 37वें स्थान पर और दक्षिण अफ्रीका 2.2 अरब सीएचएफ के साथ 60वें स्थान पर है.
 
मात्र ब्रिटेन और अमेरिका ही ऐसे दो देश हैं, जिनकी जमा पूंजी का प्रतिशत स्विस बैंक में दो-दो अंकों में है. ब्रिटेन की हिस्सेदारी जहां 350 अरब सीएचएफ या स्विस बैंकों में जमा कुल विदेशी धन के 25 प्रतिशत के साथ सर्वाधिक है, वहीं अमेरिका लगभग 196 अरब सीएचएफ या लगभग 14 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर है.
 
स्विस बैंकों में पूरी दुनिया से सभी विदेशी ग्राहकों की जमा कुल धनराशि लगभग चार प्रतिशत घटी है. जो 58 अरब स्विस फ्रैंक्स घटकर 14.1 खरब स्विस फ्रैंक्स (14.5 खरब डॉलर) हो गई है. 1.2 अरब सीएचएफ के साथ 75वें पायदान पर मौजूद भारतीय धनराशि का प्रतिशत स्विस बैकों में मौजूद कुल विदेशी धनराशि का 0.1 प्रतिशत भी नहीं है.
 
भारत साल 1996 और 2007 के बीच लगातार शीर्ष 50 देशों में था, लेकिन उसके बाद 2008 में उसका स्थान गिरकर 55वें स्थान पर पहुंच गया, 2009 में 59वें स्थान पर और 2010 व 2011 में 55वें स्थान पर रहा, जबकि 2012 में 71वें स्थान पर और उसके बाद 2013 में 58वें स्थान पर रहा.
 
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पाकिस्तान 1.5 अरब सीएचएफ के साथ 69वें स्थान पर है, जो भारत से ऊपर है. जबकि भारत से ऊंचे पायदान पर मौजूद अन्य देशों में मॉरीशस, कजाकिस्तान, ईरान, चिली, अंगोला, फिलीपींस, इंडोनेशिया और मेक्सिको शामिल हैं. स्विटजरलैंड के बैंकों में मौजूद भारतीय धनराशि साल 2015 के अंत में 59.642 करोड़ स्विस फ्रैंक्स घटकर 121.76 करोड़ स्विस फ्रैंक्स हो गई. यह लगातार दूसरे साल की गिरावट थी.