नई दिल्ली. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर वंशवादी लोकतंत्र थोपने का आरोप लगाया. उन्होंने अपने फेसबुक पेस्ट पर कहा कि आजादी के बाद कांग्रेस पार्टी के इतिहास पर नजर डालें तो कई धब्बे दिखते हैं. जैसे आर्थिक सुधारों को दो दशक से ज्यादा लटकाने, भारत को वंशवादी लोकतंत्र में बदलने, 1975 में आपातकाल लगाने, ऑपरेशन ब्लू स्टार और भ्रष्टाचार जैसे कई कलंक लगे हैं.’
 
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जेटली ने ’41 साल पहले श्रीमती इंदिरा गांधी द्वारा लागू संवैधानिक तानाशाही’ शीषर्क से अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा, ‘मुझे जानना है कि क्या कांग्रेस पार्टी के मौजूदा नेतृत्व की इस विषय पर कोई राय है. क्या कांग्रेस पार्टी इन मुद्दों पर कोई आंतरिक बहस करेगी?’
 
उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने 26 जून, 1975 को देश में आंतरिक आपाताकाल लगाया था. उन्होंने कहा, ‘इसके लिए उन्होंने जो कारण बताया वह अनुचित था.’ जेटली के अनुसार, ‘आपातकाल लगाने के पीछे असल कारण यह था कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने रायबरेली संसदीय क्षेत्र से इंदिरा गांधी की निर्वाचन को खारिज कर दिया था. इसके चलते उनकी कुर्सी खतरे में पड़ गई थी.’ 
 
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वित्त मंत्री ने कहा, ‘आपातकाल के जरिये देश पर तानाशाही लागू करने की कोशिश हुई थी. सभी राजनीतिक विरोधियों को जेल में बंद कर दिया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने भी तानाशाह के आगे घुटने टेक दिए थे. प्रेस भी उस तानाशाह का प्रवक्ता बन गया था.’ जेटली का आरोप है, ‘अपने पुत्र संजय गांधी को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर तानाशाह ने भारत को वंशवादी शासन व्यवस्था में तब्दील कर दिया था. लोकतंत्र का गला घोंट दिया गया था.’