पटना. विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने शनिवार को कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण न कोर्ट के फैसले से होगा और न ही आपसी सहमति से. राम मंदिर का निर्माण संसद में बने कानून से होगा. 
 
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तोगड़िया ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के संबंध में विहिप कोर्ट के आधार पर निर्णय नहीं चाहता है, क्योंकि कोर्ट में फैसला आने की प्रक्रिया काफी लंबी है. राम मंदिर निर्माण का फैसला सोमनाथ मंदिर निर्माण के तर्ज पर कानून बनाकर ही हो सकता है. 
 
उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर के निर्माण का फैसला भी कोर्ट से नहीं हुआ था, बल्कि यह तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद और गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की दृढ़ इच्छाशक्ति का नतीजा था. विहिप प्रमुख ने कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार को अभी दो साल हुए है. उन्हें उम्मीद है कि इस सरकार के कार्यकाल में ही संसद में राम मंदिर निर्माण से संबंधित कानून पारित हो जाएगा. 
 
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तोगड़िया ने कहा कि साल 1987 में बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यसमिति ने प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए संसद से कानून बनाए जाने की बात कही थी. सरकार द्वारा कानून नहीं बनाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब ऐसा होगा, तब वह इस पर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त करेंगे. तोगड़िया पटना में आयोजित विहिप की केंद्रीय प्रबंध समिति की बैठक में भाग लेने के लिए यहां पहुंचे हैं.