नई दिल्ली. दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया की जब BSES के कर्मचारी महिला के घर बिजली का कनेक्शन लगाने जाएंगी तो उनकी सुरक्षा करेगी. ये आदेश दिल्ली हाई कोर्ट ने वृद्ध महिला की याचिका पर दिया जिन्होंने कहा था की पिछले 4 महीने से उनके घर बिजली नहीं है.
 
दरअसल बुजुर्ग महिला चंद्र कांत मल्होत्रा के पति की मौत चुकी है. महिला का घर दक्षिण दिल्ली में स्थित है. महिला का आरोप है कि इलाके का पूर्व पार्षद उसके घर बिजली का मीटर नहीं लगने दे रहा है.
 
महिला का कहना है कि फरवरी माह में बीएसईएस ने तकनीकी कारण से उसके घर की बिजली काट दी थी. जिसके बाद उसे नया मीटर लगवाने के लिए कहा गया. जिसके बाद महिला ने सारी औपचारिकता पूरी कर दी और दस मार्च 2016 को अपने लाजपत नगर स्थित घर में मीटर लगवाने के लिए भुगतान कर दिया.
 
उनकी मांग पर नौ मई को कंज्यूमर ग्रीवेंस रिड्रेसल फोरम ने भी बीएसईएस को मीटर लगवाने व पुलिस से सुरक्षा लेने का आदेश बीएसईएस को दे दिया. जिसके बाद भी महिला के घर मीटर नहीं लगा. अपने 23 मई के आदेश में फोरम ने कहा कि पुलिस ने सुरक्षा नहीं दी और बीएसईएस मीटर नहीं लगा पाई. ऐसे में महिला इस मामले में आगे की कार्रवाई कर सकती है.
 
कांता एक शादी हाल के ऊपर व मंदिर के पास बने घर में वर्ष 1992 से रह रही है. इस साल के फरवरी माह से पहले यहां बिजली आती थी. कांता के वकील अमित साहनी ने बताया कि लाजपत नगर के एसएचओ व दक्षिण-पूर्वी जिले के एसीपी ने यह कहते हुए फोरम के आदेश को मानने से इंकार कर दिया है कि यह आदेश किसी कोर्ट ने नहीं दिया है. साहनी का कहना है कि फोरम भी एक सरकारी अथॉरिटी है. वैसे भी जरूरत पडऩे पर पुलिस को सुरक्षा सभी को देनी चाहिए.