नई दिल्ली. दिल्ली सरकार ने पंजाबी, संस्कृत और उर्दू भाषा को बढ़ावा देते हुए अहम फैसला लिया है. रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली के सभी सरकारी स्कूलों में अगले सेशन से हिंदी भाषा की तरह उर्दू, पंजाबी और संस्कृत भाषा की पढ़ाई होगी.

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एक रिसर्च में यह बात सामने आई है कि संस्कृत भाषा सरकारी स्कूल में पढ़ाए जाते है लेकिन सिर्फ 25% स्कूल में उर्दू और वहीं 24 % स्कूल में ही सिर्फ पंजाबी भाषा की पढ़ाई होती है. जिसकी वजह से इन भाषाओं का महत्व कम हुआ है. लेकिन अब इसे प्रोत्साहन देते हुए  कैबिनेट ने 610 उर्दू और 769 पंजाबी भाषा पढ़ाने के लिए शिक्षकों की संख्या बढ़ाने का फैसला किया है.

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