नई दिल्ली. सरकार से जुड़े नौकरशाहों और अब नेताओं-मंत्रियों के खिलाफ एक के बाद एक टनाटन Tweet कर रहे बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी के बयानों से बीजेपी परेशान हो गई है और उसने स्वामी जी को पार्टी या सरकार की किरकिरी कराने वाले बयान या Tweet से बचने कहा है.

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स्वामी के खिलाफ पार्टी नेताओं की शिकायत बढ़ती जा रही है और ये शिकायत पार्टी के लिए नजरअंदाज करना तब मुश्किल हो गया जब स्वामी ने आज इशारों-इशारों में वित्त मंत्री अरुण जेटली पर ही निशाना साध दिया और यहां तक धमकी दे दी कि अगर उन्होंने अनुशासन तोड़ दिया तो खून-खराबा हो जाएगा.

स्वामी ने जेटली के साथ-साथ नरेंद्र मोदी सरकार के तमाम मंत्रियों की भी खिल्ली उड़ी दी और ट्वीट किया कि विदेश दौरे पर जाने वाले मंत्री टाई-कोट में वेटर दिखते हैं इसलिए उन्हें पार्टी भारतीय आधुनिक परिधान पहनने कहे.

स्वामी के इन दो ट्वीट के बाद पार्टी नेतृत्व ने उनके तेवर पर चिंता जताते हुए संदेश भिजवा दिया है कि स्वामी अपने बयान और ट्वीट की धार थोड़ी कुंद करें और वैसी बात ही करें जिससे सरकार या पार्टी की किरकिरी न हो.

स्वामी ने आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था और जब से रघुराम राजन ने सितंबर में टर्म पूरा होने के बाद वापस शिकागो यूनिवर्सिटी लौटने का फैसला किया है तब से उनके हौसले बुलंद हैं.

स्वामी ने उसके बाद प्रधानमंत्री के मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम को हटाने की मांग कर दी. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अरविंद का बचाव किया तो फिर स्वामी ने आर्थिक मामलों के सचिव शशिकांत दास के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. खास बात ये है कि ये तीनों नौकरशाह नरेंद्र मोदी सरकार का हिस्सा हैं.

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कुछ दिन पहले जब स्वामी दिल्ली के सांसद महेश गिरि के अनशन पर गए थे तब उन्होंने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के साथ-साथ लेफ्टिनेंट गवर्नर नजीब जंग के खिलाफ भी बयान दे डाला था.

पार्टी और सरकार में वरिष्ठ नेता स्वामी के अपनी ही पार्टी और सरकार के लोगों के खिलाफ इस तरह सार्वजनिक बयानबाजी को लेकर चिंतिंत हैं इसलिए पार्टी ने स्वामी को कह दिया है कि वो अनुशासन की सीमा में रहें नहीं तो पार्टी को संज्ञान लेना पड़ेगा.