नई दिल्ली. बीजेपी के दो बड़े चेहरे वित्त मंत्री अरुण जेटली और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी के बीच खुलकर तकरार होने लगी है. स्वामी ने एक सचिव पर निशाना साधा तो जेटली ने उनका बचाव किया जिस पर स्वामी ने कहा कि अगर उन्होंने अनुशासन तोड़ दिया तो खून-खराबा हो जाएगा.
 
स्वामी ने बिना नाम लिए जेटली की तरफ इशारा करते हुए ट्वीट किया कि मुझे बिना मांगे अनुशासन और संयम की सलाह देने वालों को नहीं पता कि अगर मैंने अनुशासन तोड़ा तो खून-खराबा हो जाएगा.
 
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अपने दूसरे ट्वीट में स्वामी ने तंज कसते हुए यह भी लिखा है कि बीजेपी को हमारे मंत्रियों को विदेश यात्रा के दौरान पारंपरिक और आधुनिक भारतीय कपड़े पहनने का निर्देश जारी करना चाहिए क्योंकि कोट और टाई में वे वेटर जैसे दिखते हैं.
 
 
स्वामी ने आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन और नरेंद्र मोदी सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम के बाद आर्थिक मामलों के सचिव शशिकांत दास पर हमला बोला था.
 
स्वामी ने ट्वीट कर कहा था कि शशिकांत दास पर पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम को महाबलीपुरम में जमीन हथियाने में मदद करने के खिलाफ एक केस लंबित है. इस पर जेटली ने जवाब देते हुए ट्वीट किया था कि वित्त मंत्रालय के एक अनुशासित अधिकारी के खिलाफ आरोप अनुचित और गलत है.
 
जेटली ने कहा था, नौकरशाहों पर आरोप में संयम बरतें नेता क्योंकि वो जवाब नहीं दे सकते
 
इससे पहले अरविंद सुब्रमण्यम के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जब स्वामी ने उन्हें हटाने की मांग की थी तो भी जेटली ने कहा था कि अरविंद ने सरकार को कई मौकों पर महत्वपूर्ण सलाह दिए हैं और सरकार पूरी तरह उनके साथ है.
 
जेटली ने तब कहा था कि राजनेताओं को पता होना चाहिए कि किसी सरकारी अधिकारी के खिलाफ किस हद तक बयानबाजी करें क्योंकि सरकारी पद पर बैठे अधिकारी इस तरह से जवाब न देने के अनुशासन से बंधे होते हैं.
 
जेटली और स्वामी की तकरार पर चुटकी लेते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए सवाल उठाया है कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने ही वित्त मंत्री अरुण जेटली के खिलाफ स्वामी के जरिए हमले करवा रहे हैं.
 
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