नई दिल्ली. NSG में एंट्री को लेकर भारत को बड़ा झटका लगा है. ब्राजील, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रिया, आयरलैंड और तुर्की ने एनएसजी में भारत की एंट्री का कड़ा विरोध किया है.
 
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वहीं मैक्सिको ने भारत की एंट्री पर समर्थन दिखाया है. इससे साफ हो गया है कि चीन ही एकमात्र प्रतिद्विंदी नहीं है जो भारत की NSG में एंट्री पर विरोध कर रहा है.
 
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से आज मुलाकात की और NSG में भारत की सदस्यता पर अपील की. ताशकंद में एससीओ सम्मेलन 23-24 जून को होना है. छह सदस्यीय इस समूह में भारत को शामिल करने का निर्णय पिछले साल रूस के उफा में हुए सम्मेलन में लिया गया था.
 
कौन-कौन देश हैं शामिल
एससीओ एक क्षेत्रीय संगठन है जिसमें चीन, रूस और चार मध्य एशियाई गणतंत्र कजाकिस्तान, तजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान शामिल हैं. इस सम्मेलन में एससीओ का पहली बार नए सदस्यों को स्थायी सदस्य बनाने के लिए विस्तार किया जाएगा.
 
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भारत और पाकिस्तान को सदस्य बनाया जाना है. अफगानिस्तान, ईरान और मंगोलिया एससीओ के पर्यवेक्षक हैं. एससीओ की सदस्यता भारत के मध्य एशियाई सदस्यों से ऊर्जा सहयोग को प्रोत्साहन देगी.