अयोध्या. राम मंदिर के निर्माण कार्यशाला में चल रहे पत्थर तराशी के काम को लेकर सियासत गर्म हो चुकी है. अखिलेश सरकार ने पत्थरों के लिए रोड परमिट फार्म देने से इनकार कर दिया है.
 
बता दें कि अखिलेश सरकार के फैजाबाद के वाणिज्य कर विभाग ने विश्व हिन्दू परिषद के स्थानीय प्रतिनिधि को दूसरे प्रदेश से आने वाले पत्थरों को दी जाने वाली परमिट फार्म नं. 39 को देने से साफ मना कर दिया है, जिसे लेकर वीएचपी के कार्यकर्ताओं ने सपा सरकार का विरोध करना शुरू कर दिया है.
 
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नहीं दिखाया कोई लिखित आदेश
रिपोर्ट्स के अनुसार इस प्रतिबंध को लेकर विभाग ने कार्यकर्ताओं को कोई लिखित आदेश नहीं दिखाया है. सिर्फ मौखिक रूप से उन्हें फार्म देने से मना करते हुए कहा कि उच्च अधिकारियों की ओर से रोक है, हम फार्म नहीं दे सकते हैं.
 
UP सरकार पर निशाना
वहीं मामले को लेकर वीएचपी कार्यकर्ताओं ने सपा सरकार पर निशाना साधा है. कार्यकर्ताओं ने इसे सपा सरकार की साजिश करार देते हुए समुदाय विशेष को खुश करने की कार्यवाही बताया है. वहीं वीएचपी प्रवक्ता शरद शर्मा ने मामले में नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है कि यूपी सरकार ने इस तरह का आदेश हिंदू समाज को अपमानित करने के लिए जारी करवाया है, लेकिन वीएचपी इसकी कड़ी निंदा करता है और मांग करता है कि जल्द से जल्द फार्म 39 उपलब्ध कराया जाए, ताकि पत्थर तराशी के काम में कोई रूकावट ना हो.
 
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1990 से जारी है तराशी का काम
बता दें कि अयोध्या के राम मंदिर कार्यशाला का काम सितम्बर 1990 से जारी है. यहां तराशी का काम राजस्थान की खदानों से पत्थर मंगा कर किया जा रहा है. काफी संख्या में पत्थर आ जाने के कारण पत्थर मंगाने का काम बीच में रोक दिया गया था, लेकिन मार्च में पत्थर मंगाने के लिए एक बार फिर से राम जन्म भूमि न्यास की ओर से आवेदन दिया गया. जिसके बाद वाणिज्य विभाग की ओर से पत्थरों के लिए रोड परमिट फार्म 39 उपलब्ध कराया था, लेकिन दोबार फार्म 39 की मांग करने पर विभाग ने इसे देने से इन्कार कर दिया है.