नई दिल्ली. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बुधवार को अंतरिक्ष की दुनिया में एक नया इतिहास लिखा है. इसरो ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV-C34) के जरिए 20 सेटेलाइट्स को एक साथ भेजा. इन 20 सेटेलाइट्स में 13 अमेरिका, तीन भारत और चार सेटेलाइट कनाडा, जर्मनी और इंडोनेशिया के हैं. बता दें कि इसरो ने ये सेटेलाइट्स बुधवार सुबह 9 बजकर 26 मिनट भेजे.
 
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इसरो ने इससे पहले साल 2008 में 10 सेटेलाइट्स को पृथ्वी की विभिन्न कक्षाओं में एक साथ प्रक्षेपित किया था. इस बार 20 सेटेलाइट्स को एकसाथ प्रक्षेपित करके इसरो नया रिकॉर्ड बनाया. आज छोड़े गए अमेरिकी सेटेलाइट्स में गूगल कंपनी का अर्थ इमेजिंग सैटेलाइट भी शामिल है. इसके अलावा इस लिस्ट में भारत का कार्टोसैट उपग्रह भी शामिल है जोकि अंतरिक्ष से धरती की निगरानी के लिए डिजाइन किया गया है.
 
कोर्टोसैट-2 श्रृंखला का सेटेलाइट पूर्ववर्ती कोर्टोसैट-2, 2ए और 2बी के समान है. कोर्टोसैट-2 श्रृंखला के सेटेलाइट को छोड़कर 19 अन्य सेटेलाइट का कुल वजन 560 किलोग्राम है. कोर्टोसेट-2 सेटेलाइट और 19 अन्य सेटेलाइट्स को 505 किलोमीटर की ऊंचाई पर सन सिनक्रोनस ऑर्बिट में स्थापित किया जाएगा. सभी 20 सेटेलाइट्स का वजन करीब 1,288 किलोग्राम है.
 
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320 टन वजन वाला पीएसएलवी कनाडा, इंडोनेशिया, जर्मनी और अमेरिका आदि देशों के 17 छोटे उपग्रहों को ले जा रहा है. जिनमें इंडोनेशिया का LAPAN A-3, जर्मनी का BIROS, कनाडा का M3MSAT और GHGSAT 3, यूएसए का स्काईसेट GEN 2-1 और 12 DOVE जैसे सैटेलाइट शामिल है.