नई दिल्ली. मल्टीनेशनल कंपनी एस्सार ग्रुप से जुड़े वीवीआईपी फोन टैपिंग मामले में केंद्र सरकार ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है. सूत्रों से पता चला है कि पीएमओ ने तत्काल जांच शूरू करने के आदेश दिए हैं. बता दें कि रिपोर्ट्स के मुताबिक अभिनेता अमिताभ बच्चन, रिलायंस के चैयरमैन मुकेश अंबानी, सहारा प्रमुख सुब्रत राय, रिलायंस एडीएजी ग्रुप के प्रमुख अनिल अंबानी, टीना अंबानी, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के दामाद आदि नेताओं के फोन को 2001 से 2006 तक टैप किया गया था.
 
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क्या कहा PM मोदी ने
फोन टैपिंग मामले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेहद गंभीर हैं और इस संबंध में गृह मंत्रालय से रिपोर्ट मांगी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का साफ मानना है कि सरकारी नीतियों को बनाने में किसी भी बाहरी तत्व का रोल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. पीएम मोदी ने सख्ती के साथ कहा कि भ्रष्टाचार कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.  VVIP फोन टैपिंग मामले को लेकर वकील सुरेन उप्पल ने  पीएमओ में शि‍कायत की थी. उप्पल ने सबूत के तौर पर 29 पन्नों के एक दस्तावेज भी पीएमओ को दिया था.
 
ये पूरी तरह गलत
रिलांयस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) ने कहा कि वह समूह के गैरीकानूनी फोन टैपिंग का शिकार होने से जुड़े खबरों से हैरान है और कथित बातचीत पूरी तरह गलत है. कंपनी ने साथ हीं इस तरह चीजों को सनीसनीखेज बनाने के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी.
 
क्या है पूरा मामला?
मल्टीनेशनल कंपनी एस्सार ग्रुप पर आरोप है कि ग्रुप ने 2001 से 2006 तक एनडीए और यूपीए सरकार के कई कैबिनेट मंत्रियों के साथ ही मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी जैसे कारोबारी दिग्गजों का फोन टैप किया. जिन लोगों के फोन टैप किए गए उनमें अटल बिहारी वाजपेयी के वक्त के पीएमओ अधि‍कारी भी शामिल हैं.
 
किनके फोन टेप किए गए ?
  • अभिनेता अमिताभ बच्चन
  • रिलायंस के चैयरमैन मुकेश अंबानी
  • सहारा प्रमुख सुब्रत राय
  • रिलायंस एडीएजी ग्रुप के प्रमुख अनिल अंबानी
  • उनकी पत्नी टीना अंबानी
  • पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के दामाद और ओएसडी रंजन भट्टाचार्य
  • समाजवादी पार्टी सांसद अमर सिंह
  • समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव
  • बीजेपी नेता सुंधाशु मित्तल
  • बीजेपी के पूर्व नेता स्वर्गीय प्रमोद महाजन
  • पूर्व विदेश मंत्री जसंवत सिंह
  • बीजेपी नेता पीयूष गोयल-सुरेश प्रभु
  • एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल
  • बीजेपी नेता एन के सिंह
  • राज्यपाल राम नाईक
ये तो राजनीति और कारोबार से जुड़ी हस्तियां हैं. इसके अलावा इस लिस्ट में मौजूदा गृह सचिव राजीव महर्षि, वाजपेयी सरकार के पीएमओ में ओएसडी रहे ब्रजेश मिश्र के अलावा अनेक बैंक प्रमुखों के नाम शामिल हैं.
 
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‘आरोपों की जांच होनी चाहिए’
पूरे विवाद पर एस्सार ग्रुप का कहना है कि सभी फैक्ट्स और आरोपों की जांच की जानी चाहिए. कॉशन नोटिस में लगाए आरोप भी बेबुनियाद और गलत हैं. हम इस बारे में जवाब देंगे. उप्पल ने जो कॉशन नोटिस भेजा है, उसमें कहा गया है कि खान का ड्रग एनफोर्समेंट बैकग्राउंड था. इसके बावजूद प्रशांत रूइया ने उसे कंपनी का सिक्युरिटी हेड बना दिया. खान 2001 से 2011 तक एस्सर के सिक्युरिटी हेड रहे.