नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन को हटाने की मांग को लेकर तीखी बयानबाजी कर रहे बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी सितंबर में कार्यकाल खत्म होने के बाद रघुराम राजन के शिकागो लौट जाने के फैसले से गदगद हैं. स्वामी ने इस बात के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की है.
 
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ये बात सबको पता ही है कि सुब्रमण्यम स्वामी ने रघुराम राजन को रिजर्व बैंक के गवर्नर पद से हटाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था और कई बार सार्वजनिक रूप से उन्होंने रघुराम राजन पर भारत की गोपनीय जानकारी दूसरे देशों को देने का आरोप लगाया था. स्वामी ने कहा था कि रघुराम मानसिक तौर पर पूरी तरह भारतीय नहीं हैं.
 
 
स्वामी के सार्वजनिक रूप से रिजर्व बैंक गवर्नर के खिलाफ बयानबाजी पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने उन्हें संयम बरतने की नसीहत दी थी तो बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने इसे उनकी व्यक्तिगत राय बताकर पल्ला झाड़ लिया था. लेकिन राजन के इस फैसले से ये साफ हो गया है कि उन्हें भी दूसरे टर्म को लेकर आशंका थी इसलिए उन्होंने समय पर सम्मान के साथ अपनी शिकागो वापसी की घोषणा कर दी.
 
 
रिजर्व बैंक के कर्मचारियों को एक पत्र लिखकर रघुराम ने अपने कार्यकाल पर बात की है और लिखा है कि सितंबर में टर्म पूरा होने के बाद वो एकेडमिया में लौट जाएंगे. रघुराम शिकागो यूनिवर्सिटी बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस में फिनांस के प्रोफेसर हैं और इस वक्त छुट्टी पर भारत में आरबीआई गवर्नर का पद संभाल रहे हैं. राजन ने पत्र में कहा है कि वो देश की सेवा के लिए हमेशा हाजिर रहेंगे.
 
 
रघुराम राजन के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि रघुराम राजन भारत सरकार के कर्मचारी हैं और सरकार कर्मचारियों का चयन पॉपुलर वोट के जरिए नहीं करती. उन्होंने कहा कि रघुराम को जाहिर करने दीजिए कि वो पद छोड़कर जा रहे हैं लेकिन अगर वो जा रहे हैं तो यह अच्छा है.
 
 
इसके बाद स्वामी ने ट्वीटर पर रघुराम राजन का नाम R3 लिखते हुए कहा, “R3 ने कहा है कि वो अमेरिका लौट जाएंगे. वो सच्चाई को छुपाने के लिए चाहे जो बहाना करें, हमें कोई शिकायत नहीं होनी चाहिए. उनको अलविदा.”
 
 
स्वामी ने इसके बाद रघुराम राजन को लेकर ही एक और ट्वीट किया, “मेरे मन में नरेंद्र मोदी का सम्मान बहुत बढ़ गया है. मीडिया, उद्योगपतियों और अंतरराष्ट्रीय नौकरशाहों ने उन पर रघुराम राजन के पक्ष में बहुत दबाव बनाया था लेकिन वो झुके नहीं.”