श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने बीजेपी-पीडीपी के गठबंधन पर आरोप लगाया कि जम्मू में हुए दंगे के बाद पकड़े गए 22 आरोपियों को नागपुर से आए ऑर्डर पर छोड़ दिया गया. आरएसएस को कश्मीर की राज्य सरकार का रिमोट कंट्रोल बताते हुए अब्दुल्ला ने कहा, ‘अगर दंगा करने वाले कश्मीरी अलगाववादी होते तो उनको अबतक केस लगाकर अंदर कर दिया गया होता. उन लोगों को तो बात तक कहने की इजाजत नहीं है, बस जलाना तो दूर की बात है.’
 
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अब्दुल्ला ने ये बात अनंतनाग में एक रैली कही जहां से मौजूदा मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती उपचुनाव लड़ रही हैं. अब्दुल्ला ने महबूबा पर रोप लगाया कि वह बस एक कठपुतली की तरह काम करती हैं. इसके साथ ही कश्मीर को नागपुर द्वारा चलाए जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, ‘सच में नागपुर ही कश्मीर सरकार को कुछ भी करने का ऑर्डर देता है.’
 
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जम्मू-कश्मीर के जानीपुर इलाके में मंगलवार को देर शाम में एक मंदिर में कथित तौर पर छेड़छाड़ के आरोप में लोगों ने मानसिक रूप से अक्षम एक शख्स को पीटा था और उसके बाद पुलिस के हवाले कर दिया. इस पर गुस्साए लोगों ने हिंसक प्रदर्शन और तोड़फोड़ किया. भीड़ ने घटनास्थल पर खड़ी वाहनों को आग के हवाले कर दिया. मामले में पुलिस ने 22 लोगों को गिरफ्तार किया है, साथ ही सुरक्षा को देखते हुए मोबाइल व इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है.