नई दिल्ली. अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी घोटाले में नया मोड़ सामने आया है. प्रवर्तन निदेशालय ने मामले में चर्चित बिचौलिए क्रिस्टियन मिशेल जेम्स और दो अन्य के खिलाफ चार्जशीद दाखिल की है. जानकारी के अनुसार भारतीय अफसरों को रिश्वत देने के लिए मिशेल ने पैसों की इंतजाम किया था.
 
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इससे पहले मिशेल ने बयान दिया था कि खरीद में दबाव डालने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से कभी नहीं मिला. मिशेल से जब पूछा गया कि क्या वह कभी सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह या तब के रक्षा मंत्री एके एंटनी से मिला है. इसके जवाब में मिशेल ने कहा, ‘नहीं कभी नहीं. मैं इनमें से किसी से भी कभी नहीं मिला.’
 
लेकिन मिशेल ने यह बात कह कर सबको हैरान कर दिया है कि सुब्रमण्यम स्वामी ने जो आरोप लगाए हैं वह सही हैं लेकिन कुछ तथ्यों में उनको गुमराह किया गया है. उसने कहा कि दिल्ली में उसने एक बार वायु सेना प्रमुख रहे एसपी त्यागी से हाथ मिलाया था. लेकिन उसने फिर त्यागी से किनारा कर लिया क्योंकि उनके संबंध इटैलियन बिजनेसमैन ग्योडो हैशके और दूसरे बिचौलियों से थे.
 
क्या है मामला?
यूपीए-1 सरकार के वक्त 2010 में अगस्ता वेस्टलैंड से वीवीआईपी के लिए 12 हेलीकॉप्टरों की खरीद की डील हुई थी. डील के तहत मिले 3 हेलिकॉप्टर आज भी दिल्ली के पालम एयरबेस पर खड़े हैं. इन्हें इस्तेमाल में नहीं लाया गया. डील 3,600 करोड़ रुपए की थी. टोटल डील का 10% हिस्सा रिश्वत में देने की बात सामने आई थी.
 
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इसके बाद यूपीए सरकार ने फरवरी 2010 में डील रद्द कर दी थी. तब एयरफोर्स चीफ रहे एसपी त्यागी समेत 13 लोगों पर केस दर्ज किया गया था. जिस मीटिंग में हेलिकॉप्टर की कीमत तय की गई थी, उसमें यूपीए सरकार के कुछ मंत्री भी मौजूद थे. इस वजह से कांग्रेस पर भी सवाल उठे थे.