चेन्नई. AIADMK विधायक दल की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता को विधायक दल का नेता चुन लिया गया है. जयललिता इस बैठक में मौजूद नहीं थीं, लेकिन अब उनके एक बार फिर मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है. ख़बर है कि शुक्रवार दोपहर 1:30 बजे जयललिता राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती हैं. 

वर्तमान मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम भी शुक्रवार को ही इस्तीफ़ा दे सकते हैं. माना जा रहा है कि जयललिता शनिवार को मद्रास यूनिवर्सिटी ऑडिटोरियम में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी. आय से अधिक संपत्ति के मामले में बरी होने के बाद पहली बार जयललिता शुक्रवार को समर्थकों से भी मुख़ातिब होंगी. जयललिता को विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद अम्मा समर्थकों में जश्न का माहौल है.

अन्नाद्रमुक पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में गजब का उत्साह है. पिछले साल अक्टूबर में जमानत हासिल करने के बाद बेंगलुरू से शहर लौटने के बाद सैंकड़ों पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता ने हवाई अड्डे से लेकर उनके घर के रास्ते में उनके काफिले का स्वागत किया था.

हालांकि उन्होंने जनता को संबोधित नहीं किया था. पार्टी कार्यकर्ताओं का हुजूम चेन्नई में पार्टी मुख्यालय पर गुरुवार शाम से ही उमड़ना शुरू हो चुका था. हालांकि पार्टी के वरिष्ठ नेता उनके मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की तारीख के बारे में चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन माना जा रहा है कि वह 23 मई को प्रदेश की कमान अपने हाथ में ले सकती हैं.

उन्होंने एक बयान में कहा था, ‘मेरे प्रिय पार्टी साथी जो इच्छा रखते हैं वह सही समय पर पूरी होगी. इसे कोई रोक नहीं सकता. इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है.’ जयललिता को कर्नाटक हाईकोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में 11 मई को बरी कर दिया था. एक विशेष अदालत ने उन्हें पिछले साल 27 सितंबर को इस मामले में दोषी ठहराया था और चार साल की सजा सुनाई थी.

IANS से भी इनपुट