नई दिल्ली. 2002 के गोधरा कांड के बाद गुलबर्ग सोसायटी में हुए दंगों के मामले में 24 आरोपियों की सजा का ऐलान 17 जून को होगा. एसआईटी कोर्ट ने 2 जून को मामले की सुनवाई करते हुए 66 में से 36 आरोपियों को बरी और 24 आरोपियों को दोषी करार दिया है. कोर्ट ने 24 दोषियों में से 11 को हत्या का आरोपी बनाया था. बता दें कि 2002 के गुजरात दंगों के दौरान अहमदाबाद स्थित गुलबर्ग सोसायटी पर करीब 400 लोगों की हिंसक भीड़ ने हमला बोला था. इसमें पूर्व सांसद एहसान जाफरी सहित 69 लोगों की हत्या कर दी गई थी.
 
इनख़बर से जुड़ें | एंड्रॉएड ऐप्प | फेसबुक | ट्विटर
 
बरी किए गए आरोपियों में BJP पार्षद शामिल
2002 में गोधरा कांड के बाद हुए गुलबर्ग सोसायटी नरसंहार मामले में एसआईटी कोर्ट ने 36 को बरी कर दिया है, जबकि 24 को दोषी करार दिया है. बरी किए गए आरोपियों में बीजेपी पार्षद विपिन पटेल भी शामिल हैं. अतुल वैध को कोर्ट ने दोषित करार किया गया. 24 दोषियों की सजा का ऐलान कोर्ट 6 जून को करेगी. 24 आरोपिओ में से 11 आरोपियों पर 302 की कलम लगाई गयी है. 
 
Stay Connected with InKhabar | Android App | Facebook | Twitter
 
SC की निगरानी में गठित हुई SIT
गुलबर्ग नरसंहार की जांच समय समय पर अलग-अलग एजेंसियां करती रही. लेकिन घटना के 7 साल बाद सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक एसआईटी गठित की गई. एसआईटी को गुजरात दंगों के 9 मामलों की जांच दी गई थी जिसमें से गुलबर्ग सोसायटी हत्याकांड एक है.