नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस का कहना है कि गोधरा कांड और बाबरी विध्वंस की वजह से भारत में युवाओं का झुकाव अलकायदा की ओर हुआ. पुलिस ने अदालत में यह बात कही है. पुलिस ने 17 आरोपियों के खिलाफ दायर अपने आरोपपत्र में यह कहा है.
 
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पुलिस ने कहा है कि जिहाद के लिए भारत से कुछ युवा पाकिस्तान गए. पाक में उन्होंने जमात उद प्रमुख हाफिज सईद, लश्कर ए तैयबा प्रमुख जकी उर रहमान लखवी से मुलाकात की. ये युवा भारतीय उपमहाद्वीप में आधार बनाना चाहते थे.
 
पुलिस के आरोपपत्र में कहा गया है कि कई मस्जिदों में जिहादी भाषण देने के बाद गिरफ्तार आरोपी सईद अंजार शाह मोहम्मद उमर नाम के एक फरार आरोपी से मिला. दोनों ने मिलकर भारत में मुसलमानों पर कथित अत्याचार, खास कर गोधरा और बाबरी मस्जिद मुद्दों पर चर्चा की.
 
न्यायाधीश रीतेश सिंह को दायर आरोपपत्र में कहा गया है कि अंजार के जिहादी विचारों और भाषणों ने उमर को बहुत प्रभावित किया. इतना कि उसने खुद को जिहाद के लिए समर्पित कर दिया, जिसके बाद उसने पाकिस्तान से हथियारों और गोलाबारूद का प्रशिक्षण लेने की इच्छा जताई.
 
आरोपपत्र के अनुसार, उमर पाकिस्तान से ही अपनी गतिविधियों को अंजाम देता है. पुलिस ने कहा कि आरोपी अब्दुल रहमान ने पाकिस्तानी उग्रवादियों सलीम, मंसूर तथा सज्जाद को भारत में सुरक्षित पनाह दी थी. सलीम, मंसूर और सज्जाद जैश ए मोहम्मद के सदस्य थे और वर्ष 2001 में उत्तर प्रदेश में गोलीबारी में मारे गए थे.
 
आरोपपत्र में दावा किया गया है कि यह तीनों पाकिस्तानी उग्रवादी बाबरी मस्जिद विध्वंस का बदला लेने के लिए भारत आए थे और उनकी योजना अयोध्या में राम मंदिर पर हमला करने की थी. 
 
बता दें कि आरोपपत्र में पुलिस ने 17 आरोपियों के नाम दिए हैं जिनमें से 12 फरार हैं. यह आरोपपत्र कथित षड्यंत्र रचने, भारतीय युवाओं की भर्ती करने और अलकायदा का यहां आधार स्थापित करने के आरोप के बारे में हैं. 
 
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