नई दिल्ली. कोबर्ड गांधी को पटियाला हाउस कोर्ट ने अनलाफुल एक्टिविटी प्रिवेंशन एक्ट के चार्ज से बरी किया लेकिन धोखाधडी के मामले मे सात साल की सजा सुनाई है.
 
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कोबर्ड गांधी ने जनकपुरी इलाके में नरसिंह पटेल के नाम पर फर्जी वोटर आई कार्ड बनाया था. दक्षिण दिल्ली के एक अस्पताल में वो नरसी पटेल के नाम से इलाज करा रहा था.
 
पुलिस ने नक्सलवाद को बढावा देने के आरोपों के सबूत के तौर पर नेपाल में माओवादियों के सेमिनार में कोबाड के भाषण की सीडी, नक्सलवाद से संबंधी साहित्य और किताबें जब्त की थीं.
 
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कोबाड गांधी ने जनकपुरी इलाके से बनवाया था फर्जी वोटर आईकार्ड। जिसमे पटियाला हाउस कोर्ट ने धोखाधड़ी के मामले मे ये 7 साल की सज़ा सुनाई है. हालांकि 65 साल के कोबर्ड गाँधी 2009 से ही तिहाड़ जेल मे बंद है,इस लिहाज से ये 7 साल की सज़ा पूरी हो चुकी है.