नई दिल्ली. पंजाब चुनाव को लेकर राजधानी दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने चुनावी रणनीति तेज कर दी है. दिल्ली सरकार ने पंजाबी भाषा को बढ़ावा देने के लिए पंजाबी शिक्षकों का वेतन बढ़ाने का फैसला किया है, इसके अलावा हर सरकारी स्कूलों में एक पंजाबी शिक्षक को नियुक्त करने का भी फैसला किया गया है. सरकार ने इस बात की घोषणा अखबारों में विज्ञापन देकर की है.
 
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दिल्ली सरकार के इस विज्ञापन के बाद से ही सरकार को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. कांग्रेस के दिल्ली अध्यक्ष अजय माकन ने केजरीवाल सरकार के इस विज्ञापन के बाद तीखे स्वर में सरकार की आलोचना की है. 
 
माकन ने कहा है कि जितने पैसे केजरीवाल सरकार विज्ञापन में खर्च किए हैं, उतने पैसों में तो पंजाबी शिक्षकों को वेतन भी मिल जाता. उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘दिल्ली सरकार विज्ञापन पर पैसे खर्च कर रही है और दिल्ली में सरकारी कर्मचारी अपने वेतन के लिए हड़ताल कर रहे हैं.’
 
बीजेपी नेता वीजेंद्र गुप्ता ने कहा है कि दिल्ली सरकार पैसों का दुरुपयोग कर रही है और इस तरह के विज्ञापन पंजाब के चुनावों की वजह से किए जा रहे हैं. बीजेपी के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी ट्वीट कर केजरीवाल सरकार पर हमला किया है. उन्होंने लिखा, ‘केजरीवाल दिल्ली के लोगों के साथ भेदभाव कर रही है और लोगों को पंजाबियों के साथ मतभेद की स्थिति में ला रही है.’
 
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