झांसी. केंद्रीय जल संसाधन एवं नदी विकास मंत्री और स्थानीय सांसद उमा भारती ने कहा कि मथुरा के जवाहरबाग कांड में आग सुनियोजित तरीके से लगाई गई. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव इस प्रदेश के मुखिया हैं, इस नाते उन्हें रामवृक्ष के संरक्षणदाताओं को निकाल बाहर करना चाहिए.
 
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उमा भारती ने कहा कि उस आग में कुछ ऐसे सबूत जलाकर नष्ट कर दिए गए जिनसे पूरी समाजवादी पार्टी ही चपेट में आ सकती थी. गुरुवार को कई विकास योजनाओं का शुभारम्भ करने और दिव्यांगों को सहायक उपकरण वितरित करने के लिए झांसी आईं उमा भारती ने ये बातें कहीं.
 
उन्होंने जवाहरबाग की घटना पर मथुरा की सांसद हेमामालिनी का बचाव करते हुए कहा कि बीजेपी सांसद दो साल से लगातार इस घटना की जानकारी प्रशासन को दे रही थीं. उमा ने कहा कि उन्होंने लिखकर भी अवगत कराया था और मौखिक रूप से भी. जवाहरबाग में कब्जा किए लोग कई बार प्रशासनिक अधिकारियों की पिटाई कर चुके थे. शायद इसलिए सांसद के कहने पर भी किसी ने वहां कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटायी. 
 
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उमा भारती ने कहा कि इस प्रदेश में समाजवादी पार्टी के आतंक का ऐसा भय व्याप्त हो गया है कि पुलिस व प्रशासनिक अफसर भी किसी अपराधी पर कार्रवाई कराने से पहले पूरी तरह से दरियाफ्त करते हैं कि कहीं उसका ताल्लुक समाजवादी पार्टी से तो नहीं है.