नई दिल्ली. उड़ता पंजाब फिल्म को लेकर विवादों में आए सेंसर बोर्ड पर केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अरुण जेटली ने पहली बार अपनी टिप्पणी दी है. इस मामले में उन्होंने कहा कि फिल्म को सर्टिफिकेट देने के नियमों को उदार किया जाएगा और जल्द ही कुछ जरूरी बदलाव किए जाएंगे.
 
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उन्होंने कहा, ‘मैं इस मुद्दे पर ज्यादा कुछ नहीं कह सकता हूं, क्योंकि मैंने वह फिल्म नहीं देखी है. लेकिन सेंसर बोर्ड के नियमों में कुछ बदलावों की जरूरत है.’ जेटली ने कहा कि वह वर्तमान फिल्म प्रमाणन प्रणाली से संतुष्ट नहीं हैं और इसे उदार बनाने के लि जल्द ही बदलाव करने की बात भी कही.
 
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने कहा कि श्याम बेनेगल ने अच्छी दस्तावेजी रिपोर्ट बनाई है. उन्होंने कहा, ‘बेनेगल की दस्तावेजी रिपोर्ट काफी अच्छी है, उसका पहला हिस्सा जो मेरे पास आया है वह अभी विचाराधीन है.’ जेटली ने कहा कि एक प्रणाली तो होगी ही जिसके तहत आपको प्रमाणपत्र लेना होगा, लेकिन इसका सही शब्द प्रमाणन है, सेंसरशिप नहीं. प्रमाणन नियम उदार होने चाहिए.
 
बता दें कि सेंसर बोर्ड ने फिल्म उड़ता पंजाब के नाम को लेकर आपत्ति जताई थी. बोर्ड ने यह दलील दी थी कि फिल्म में ज्यादा गालियां होने की वजह से इसमें लगभग 89 कट्स करने का आदेश दिया गया था.