नई दिल्ली. साल 2014 में डेनमार्क की एक 52 साल की महिला से गैंगरेप मामले में तीस हजारी कोर्ट ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है. कोर्ट शुक्रवार को सजा का ऐलान करेगा. कोर्ट पहले ही पांचों आरोपियों को दोषी करार दे चुका है.
 
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गुरुवार को तीस हजारी कोर्ट में सजा पर बहस के दौरान पुलिस ने सभी दोषियों के लिए उम्र कैद की सज़ा की मांग की. वही दोषियों के वकील ने कम से कम सज़ा की कोर्ट से गुजारिश की और कहा कि दोषियों के उम्र 20 से 30 साल के बीच है ऐसे में उन्हें उम्र कैद की सज़ा न दी जाये.
 
इससे पहले कोर्ट ने गैंगरेप मामले में अर्जुन, राजू , मोहम्मद रजा, महेन्द्र, और राजू बज्जी दोषी करार दिया था. इन पांचों को अदालत ने बलात्कार और लूटपाट का दोषी माना था. इस मामले में एक और आरोपी श्याम लाल की मौत पिछले साल तिहाड़ जेल में हो गई थी. जबकि तीन आरोपी नाबालिग लड़कों पर जूवेनाइल जस्टिस बोर्ड में केस चल रहा है.
 
पिछले बुधवार को दोनों पक्षों की आखिरी दलीलें सुनने के बाद दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. बुधवार को इस मामले में बचाव पक्ष ने अपनी अंतिम दलीलें पूरी करते हुए कहा कि उन्हें मामले में झूठा फंसाया गया है. उनके खिलाफ मामले में कोई ठोस सबूत नहीं है. लिहाजा, उन्हें मामले में बरी किया जाना चाहिए.
 
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मामले में घटना 14 जनवरी 2014 की है. घटना वाले दिन डेनमार्क की महिला से 9 लोगों ने गैंग रेप किया था. पुलिस ने विदेशी महिला की शिकायत पर 9 लोगों को गिरफ्तार किया था जिनमें 3 जूवेनाइल शामिल थे.