मुजफ्फरनगर. उत्तर प्रदेश के जिले मुजफ्फरनगर के कारागार में सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल कायम करते हुए 1,150 मुस्लिम कैदियों के साथ 60 से अधिक हिंदू कैदियों ने भी रोजा रखा. जिला कारागार के जेलर सतीश त्रिपाठी ने बताया कि पवित्र रमजान महीने के पहले दिन 65 हिंदू कैदियों ने 1,150 मुस्लिम कैदियों के साथ रोजा रखा. बता दें कि सोमवार को चांद देखे जाने के साथ ही मुस्लिम समुदाय का एक माह तक चलने वाला पवित्र व पाक पर्व रमजान शुरू हो गया. 

इनख़बर से जुड़ें | एंड्रॉएड ऐप्प | फेसबुक | ट्विटर

त्रिपाठी ने बताया कि कारागार में कैदियों के नमाज पढ़ने, सहरी और इफ्तार के लिए विशेष प्रबंध किये गये हैं. मौसमी फल, दूध और खाने की दूसरी चीजें कैदियों को उपलब्ध कराई जा रही हैं.

क्यों रखते हैं रोजा?
अल्लाह के बनाए नियमों में रोजा रखना प्रत्येक लोगों का फर्ज है. इस माह में सारी बुराइयों को छोड़कर हम अल्लाह के बनाए गए नियमों पर चलें तो हम उनके करीब होंगे. रोजा एक महीने की बात नहीं है. हमें साल के 12 महीनों में रोजा के नियमों का पालन करना चाहिए. सच्चाई, इमानदारी और सही रास्तों पर चलने का संकल्प लेकर ही हम अल्लाह के नेक बंदे हो सकते हैं.
 
Stay Connected with InKhabar | Android App | Facebook | Twitter